सिंगरौली का इतिहास: जंगल से पावर कैपिटल तक

Follow Us

#

By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Sunday, March 22, 2026 7:35 AM

सिंगरौली का इतिहास: जंगल से पावर कैपिटल तक

SINGRAULI NEWS:  मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर (border) पर बसा एक अहम इलाका, सिंगरौली (Singrauli)  आज “पावर कैपिटल” के नाम से जाना जाता है। पुराने समय (old times) में, यह इलाका घने जंगलों और एक समृद्ध आदिवासी संस्कृति (a rich tribal culture) का घर था। गोंड, बैगा और कोल जनजाति के लोग यहां प्रकृति (Nature)  के साथ तालमेल बिठाकर रहते थे।

 

 

 

 

 

ऐतिहासिक रूप (historical form) से, सिंगरौली रीवा राजवंश से जुड़ा था, जिनके शासन (Government) में यह इलाका लंबे समय तक रहा। उस समय, यह इलाका काफी हद तक नज़रअंदाज़ (ignore)  किया गया था और विकास से वंचित था। हालांकि, इस इलाके के बड़े कोयले के भंडार (large coal reserves) ने इसकी किस्मत बदल दी।

 

 

 

 

 

 

1960 के दशक के बाद, सिंगरौली में इंडस्ट्रियल क्रांति शुरू (Industrial revolution started in Singrauli) हुई। NTPC लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (Northern Coalfields Limited) जैसी कंपनियों के आने से, कोयला खनन (coal mining) और बिजली उत्पादन तेज़ी से बढ़ा (Power generation increased rapidly) , जिससे यह इलाका देश का एक बड़ा पावर हब बन गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

सिंगरौली को 1998 में जिला घोषित (District declared) किया गया था। आज, यह इलाका विकास के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण (environmental pollution) और विस्थापन (displacement) जैसी चुनौतियों का भी सामना कर रहा है।

#

Related News

March 22, 2026

March 22, 2026

March 22, 2026

March 22, 2026

March 22, 2026

March 22, 2026

Leave a Comment