सतना नगर निगम: ‘चिट्ठी-पत्री’ से चल रही सरकार, मेयर का ‘लेटर बम’ पर कमिश्नर की कुर्सी टस से मस नहीं!
सतना नगर निगम में विकास की गाड़ी ‘गियर’ में नहीं, बल्कि ‘लेटर पैड’ पर दौड़ रही है। मेयर योगेश ताम्रकार और कमिश्नर शेर सिंह मीणा के बीच बातचीत का सूखा ऐसा पड़ा है कि अब बजट जैसे गंभीर मुद्दे भी कागजों के जरिए ही ‘नमस्ते’ कर रहे हैं।
मेयर साहब ने ताजा ‘लेटर बम’ फोड़ते हुए कमिश्नर को याद दिलाया है कि शहर का बजट कोई ‘गुपचुप’ फाइल नहीं, बल्कि जनता का हिसाब है। हैरानी की बात है कि महीने भर पहले जिसे हटाने के लिए सीएम तक गुहार लगाई गई, वो कुर्सी आज भी अंगद के पैर की तरह जमी है। एमआईसी की बैठकों से वॉकआउट और आपसी कड़वाहट के बीच अब ‘विकास’ की दुहाई दी जा रही है। साहिब! जब शहर के दो मुखिया आपस में ‘मूकव्रत’ पर हों, तो जनता को विकास के सपने नहीं, सिर्फ पत्राचार के किस्से ही नसीब होंगे। देखना है, इस नए पत्र से बजट बनता है या सिर्फ ठंडे बस्ते का वजन बढ़ता है!







