मिडिल ईस्ट में भयंकर जंग का 31वां दिन, ईरानी पेट्रोकेमिकल प्लांट पर बड़ा हमला, कुवैत में ईरानी गोलाबारी में एक भारतीय की मौत, होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से दुनिया भर में तेल सप्लाई का संकट गहराया
US, इज़राइल और ईरान के बीच जंग (War) आज एक महीने से चल रही है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश (Any scope) नहीं है। पिछले 24 घंटों में यह लड़ाई और भी खतरनाक (Dangerous) हो गई जब ईरान के एक बड़े पेट्रोकेमिकल प्लांट (Petrochemical Plant) को निशाना बनाया गया। इस बीच, कुवैत में एक पावर स्टेशन पर ईरानी हमले (Iranian Attacks on Power Stations) में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत (Tragic Death of an Indian Citizen) हो गई। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में अब तक 3,000 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इज़राइल ने लगातार लेबनान और ईरान के ठिकानों पर बमबारी (Bombing of Iranian Targets) की है, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों (Countries) में मौजूद US मिलिट्री बेस पर हमले तेज़ कर दिए हैं।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है, जिसे दुनिया भर के व्यापार (Global Trade) के लिए लाइफलाइन माना जाता है। हालांकि ईरान ने मर्चेंट जहाजों की आवाजाही (Movement of merchant vessels) पर लगी पाबंदियों में थोड़ी ढील दी है, लेकिन उसका मकसद इस रास्ते पर दबाव बनाए रखना है। US ने ईरान को वॉटरवे पूरी तरह से खोलने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम (Ultimatum) दिया है। US अधिकारियों का मानना है कि युद्ध अब एक अहम मोड़ पर है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (Iran’s Revolutionary Guards) (IRGC) ने इस इलाके में मौजूद US और इज़राइली संस्थाओं को ‘सही टारगेट’ घोषित करके तनाव और बढ़ा दिया है। US ने हालात को काबू में करने के लिए मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर मिलिट्री तैनाती (Large-scale military deployment in the Middle East) की है।
इस युद्ध की वजह से, दुनिया भर में एनर्जी 9Energy Worldwide) और फ़ूड सिक्योरिटी पर संकट के बादल (Storm Clouds Over Food Security) मंडरा रहे हैं। तेल और नैचुरल गैस की ग्लोबल सप्लाई (Global Supply of Natural Gas) में रुकावट आने से इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें आसमान छू (Prices in the international market are skyrocketing.) रही हैं। फ़र्टिलाइज़र (Fertilizer) की भारी कमी और हवाई यात्रा पर पाबंदियों ने ग्लोबल ट्रेड (Global Trade) को रोक दिया है। अगर हूथी विद्रोही लाल सागर के बाब अल-मंडेब वॉटरवे पर हमले फिर से शुरू करते हैं, तो दुनिया का 12% समुद्री व्यापार (Maritime Trade) पूरी तरह से रुक सकता है। US के वाइस प्रेसिडेंट जे.डी. वेंस ने साफ़ कर दिया है कि वॉशिंगटन का कैंपेन (Washington’s Campaign) तब तक जारी रहेगा जब तक तेहरान की न्यूक्लियर क्षमताएं पूरी तरह से बंद नहीं (Nuclear capabilities not completely shut down.) हो जातीं।







