रूस ने क्यूबा को तेल की अपनी पहली खेप भेजी है, जो गंभीर एनर्जी संकट से जूझ रहा है। जिसके बाद ट्रंप ने कहा कि ‘इंसानी आधार’ पर इसकी इजाज़त दी गई है।

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Thursday, April 2, 2026 6:09 AM

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रूस ने क्यूबा को तेल की अपनी पहली खेप भेजी है, जो गंभीर एनर्जी संकट से जूझ रहा है। जिसके बाद ट्रंप ने कहा कि ‘इंसानी आधार’ पर इसकी इजाज़त दी गई है।

तीन महीने के लंबे इंतज़ार (A Long Wait) के बाद गहरे अंधेरे में डूबे क्यूबा के लिए राहत की पहली किरण रूस (Russia: The First Ray of Relief) से आई है। रूसी झंडे वाला तेल (Russian-flagged oil) टैंकर ‘अनातोली कोलोडकिन’ क्यूबा के सबसे बड़े फ्यूल स्टोरेज पोर्ट मतानजस (Matanzas: Major Fuel Storage Port) में पहुंच गया है। यह खेप ऐसे समय में आई है जब क्यूबा अपनी इकॉनमी (Cuba’s Economy) और इंफ्रास्ट्रक्चर के पूरी तरह से खत्म (The complete destruction of infrastructure)  होने की कगार पर खड़ा है।

 

 

 

 

 

वेनेजुएला से तेल की सप्लाई बंद
क्यूबा में यह गंभीर एनर्जी संकट इस साल जनवरी में शुरू हुआ जब U.S. मिलिट्री ने वेनेज़ुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो को ऑफिस से हटा दिया। मादुरो क्यूबा के खास साथी थे और देश की तेल की ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा वेनेज़ुएला से ही आता था। उनके जाने के बाद, क्यूबा को फ्यूल की भारी कमी का सामना करना पड़ा, जिससे 10 मिलियन की आबादी वाले देश में रोज़ ब्लैकआउट होने लगे और हॉस्पिटल, ट्रांसपोर्टेशन और खेती-बाड़ी का काम रुक गया।

 

 

 

 

 

ट्रंप का तीखा हमला
दिलचस्प (interesting) बात यह है कि इस रूसी टैंकर (Russian Tanker) को US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के एडमिनिस्ट्रेशन ने जाने की इजाज़त (The administration granted permission to leave.) दी है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें रूस के आइलैंड पर तेल भेजने से कोई दिक्कत (Is there any issue with sending oil to the island?) नहीं है और उन्होंने इसे पूरी तरह से ‘इंसानी वजहों’ से इजाज़त (Permission) दी है।

 

 

 

 

 

हालांकि, इस इजाज़त के साथ ही ट्रंप ने क्यूबा की लीडरशिप (Trump on Cuba’s leadership) पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “क्यूबा खत्म हो गया है।” वहां का शासन बहुत खराब (The governance is very poor.)  और करप्ट है। उन्हें तेल का एक शिपलोड मिले (Receive a shipload of oil)  या न मिले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन (Trump Administration) के बढ़ते दबाव के बीच फ्यूल से क्यूबा सरकार (The Cuban Government on Biofuel) को कुछ राहत मिल सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

 

यह राहत कितनी बड़ी है?
रूसी जहाज़ (Russian ship) अपने साथ 730,000 बैरल क्रूड ऑयल (Barrel of Crude Oil) लाया है। आंकड़ों के हिसाब से, क्यूबा अपनी ज़रूरत का सिर्फ़ 40 परसेंट फ्यूल बनाता है और बाकी के लिए इम्पोर्ट पर निर्भर (Dependent on imports)  है। एक्सपर्ट्स का अंदाज़ा है कि इस शिपमेंट से लगभग 180,000 बैरल डीज़ल बन सकता है जो क्यूबा की रोज़ (Cuba’s Rose) की ज़रूरत सिर्फ़ 9 से 10 दिनों तक पूरी करने के लिए काफ़ी है। सवाल यह है कि क्या रूस की यह मदद क्यूबा को इस परमानेंट संकट (Help Cuba with this perpetual crisis.) से निकाल पाएगी या यह सिर्फ़ कुछ समय का मरहम साबित (Proved to be the healing balm of time) होगी।

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