BREAKING NEWS: PM मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लाखों महिलाओं की उम्मीदों का प्रतीक बताया, अप्रैल से संसद के स्पेशल सेशन में इस ऐतिहासिक बदलाव पर चर्चा होगी
BREAKING NEWS: प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक खास वीडियो मैसेज जारी (A special video message released) कर महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) (नारी शक्ति वंदन एक्ट) को देश की लाखों महिलाओं (Millions of women across the country) की उम्मीदों का प्रतीक बताया। उन्होंने साफ किया कि यह प्रस्तावित संशोधन सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया (This proposed amendment is merely a legal process.) नहीं है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक (India’s democratic) नींव को मजबूत करने का एक ऐतिहासिक मौका (A Historic Opportunity) है। PM मोदी ने अपनी वेबसाइट पर एक आर्टिकल में इस बात पर जोर दिया कि जब महिलाएं तरक्की (The article emphasized that when women make progress…) करेंगी, तभी समाज का हर तरह का विकास संभव (Development is Possible) है। इसी मकसद से 16 से 18 अप्रैल तक संसद का स्पेशल सेशन बुलाया (A special session of Parliament has been convened.) गया है, ताकि साल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से आरक्षण को असरदार तरीके (Reservation in the run-up to the Lok Sabha elections—an effective approach) से लागू किया जा सके।
प्रस्तावित बदलावों के बाद लोकसभा (The Lok Sabha after the proposed changes) में कुल सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व (Reserved for Women) होंगी। मौजूदा कानून के मुताबिक, जनगणना (Census) और डिलिमिटेशन (Delimitation) के बाद साल 2034 तक 33 परसेंट रिजर्वेशन लागू होने की उम्मीद (Reservation Expected to be Implemented) थी, लेकिन केंद्र सरकार (Central government) अब इसे 2011 की जनगणना के आधार (Bases of the Census) पर 2029 के आम चुनावों से लागू करने की तैयारी कर रही है। यह रिजर्वेशन ‘वर्टिकल बेसिस’ पर दिया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए खास प्रावधान भी शामिल (Special provisions for women have also been included.) होंगे। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से पार्टी पॉलिटिक्स (The Prime Minister urged all Members of Parliament to rise above party politics.) से ऊपर उठकर इस कदम का सपोर्ट (Step Support) करने की भावुक अपील की है।
प्रधानमंत्री (Prime Minister) मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि साइंस, टेक्नोलॉजी (Technology) , स्पोर्ट्स और आर्म्ड फोर्सेज़ जैसे हर फील्ड में आज भारत की बेटियां (India’s Daughters Today) आगे हैं, लेकिन पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन (Political Representation) में वे अभी भी पीछे हैं। उन्होंने पिछली सरकारों की नाकामियों का ज़िक्र (Mention of the governments’ failures) करते हुए कहा कि दशकों में कई ड्राफ्ट पेश किए गए, लेकिन वे कभी हकीकत नहीं बन पाए। PM ने भरोसा जताया कि जब महिलाएं एडमिनिस्ट्रेशन (Women in Administration) और फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल होंगी, तो गवर्नेंस की क्वालिटी में क्वालिटेटिव सुधार (Qualitative Improvement in the Quality of Governance) होगा। यह बिल उस नींव पर आधारित (The bill is based on that foundation.) होगा जो पिछले कुछ सालों में शिक्षा, स्वास्थ्य और फाइनेंशियल इनक्लूजन के क्षेत्र (Areas of Financial Inclusion) में महिलाओं की भागीदारी (Women’s Participation) ने रखी है।







