SINGRAULI NEWS: नारी शक्ति वंदन बिल और पीने के पानी के संकट पर BJP-कांग्रेस पार्षदों में नोकझोंक, विपक्ष लाएगा निंदा प्रस्ताव
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क सिंगरौली
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SINGRAULI NEWS: सिंगरौली नगर निगम की काउंसिल मीटिंग (Singrauli Municipal Corporation Council Meeting) गुरुवार को काउंसिल प्रेसिडेंट (Council President) देवेश पांडे की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग (Meeting) में सिंगरौली MLA रामनिवास शाह, मेयर रानी अग्रवाल और डिप्टी कमिश्नर सविता प्रधान मौजूद थे। शुरू में मीटिंग का मुख्य मकसद नारी शक्ति वंदन बिल पर चर्चा करना था, लेकिन जल्द ही सफाई, पीने के पानी की सप्लाई और सफाई कर्मचारियों की भर्ती (Recruitment of Sanitation Workers) जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई।
मीटिंग के दौरान BJP और कांग्रेस पार्षदों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक (Heated exchange) हुई, जिससे ऑडिटोरियम में माहौल गरमा गया (The atmosphere in the auditorium became heated.) । BJP पार्षद भारतेंदु पांडे ने केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियां गिनाते हुए विकास कार्यों (Highlighting development works while enumerating the achievements of governments.) पर जोर दिया। जवाब में कांग्रेस पार्षद अनिल बैश ने कहा कि महिला सशक्तिकरण (Women’s Empowerment) की दिशा में देश में सबसे पहले कांग्रेस ने ही ठोस पहल की थी। उन्होंने ऊंचे संवैधानिक पदों पर महिलाओं की भागीदारी का श्रेय भी कांग्रेस (The credit for the partnership also goes to the Congress.) को दिया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए पीने के पानी के संकट का मुद्दा भी मीटिंग में प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने शहर में पानी की रेगुलर और सुचारू सप्लाई सुनिश्चित (ensuring smooth supply) करने के लिए ठोस रणनीति बनाने की जरूरत बताई। कई जनप्रतिनिधियों (Elected Representatives) ने कहा कि अगर समय रहते सिस्टम में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है। शहर की सफाई व्यवस्था (Sanitation Arrangements) और सफाईकर्मियों की भर्ती पर भी चर्चा हुई, जिसमें पार्षदों ने कर्मचारियों की कमी को दूर करने की मांग की।
नारी शक्ति वंदन बिल पर विपक्ष ने निंदा प्रस्ताव तैयार किया
नगर निगम सिंगरौली में नारी शक्ति वंदन एक्ट 2023 (Nari Shakti Vandan Act 2023 in Singrauli Municipal Corporation) के तहत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू न करने को लेकर विपक्षी पार्षदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल (Opposition councillors opened a front against the central government.) दिया है। वार्ड नंबर 38 तुलसी वार्ड के पार्षद और अपील कमेटी के सदस्य अनिल कुमार वैश्य एडवोकेट ने पीठासीन अधिकारी को निंदा प्रस्ताव की मांग करते (Demanding a censure motion against the officer) हुए एक पत्र सौंपा है। पत्र में बताया गया है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बीएसपी और निर्दलीय पार्षदों समेत करीब 25-26 जनप्रतिनिधि एकजुट हैं। उनका कहना है कि पार्लियामेंट में पास (Passed in Parliament) होने के बावजूद महिलाओं को 33 परसेंट रिजर्वेशन का फायदा अब तक लागू नहीं किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण के मकसद के खिलाफ है। पार्षदों ने इस मुद्दे को निगम काउंसिल (issue to corporation council) की आने वाली मीटिंग में प्रमुखता से उठाने और केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास (Censure Motion Against Central Government Passed) करने की योजना बनाई है।
आपसी मतभेद भुलाकर विकास पर जोर दें
मीटिंग के दौरान MLA रामनिवास शाह ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने मतभेद भुलाकर विकास के कामों (Forgetting differences with all public representatives, he got involved in development works.) पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय कम है और काम ज्यादा, इसलिए सभी को मिलकर ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे लोगों को असली फायदा मिल सके। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी मजबूत (Strong Participation of Women) करने के लिए नारी शक्ति वंदन बिल को भी सर्वसम्मति से पास करने की अपील की। कुल मिलाकर, मीटिंग में जहां विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं राजनीतिक टकराव भी सामने आया। हालांकि, आखिर में जनप्रतिनिधियों ने शहर के विकास (Public representatives have pledged for the development of the city) के लिए मिलकर काम करने का भरोसा जताया।







