बेटिंग ऐप्स पर भारत सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक: 1 मई से नया ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू होगा, गैर-कानूनी प्रेडिक्शन मार्केट और बेटिंग प्लेटफॉर्म पूरी तरह से ब्लॉक हो जाएंगे

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Friday, April 24, 2026 9:08 AM

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बेटिंग ऐप्स पर भारत सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक: 1 मई से नया ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू होगा, गैर-कानूनी प्रेडिक्शन मार्केट और बेटिंग प्लेटफॉर्म पूरी तरह से ब्लॉक हो जाएंगे

BREAKING NEWS:  भारत सरकार ने ऑनलाइन बेटिंग (The Indian government has banned online betting) और गैर-कानूनी प्रेडिक्शन मार्केट के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई शुरू (A major battle against illegal prediction markets has begun.) कर दी है। IT सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने साफ किया है कि 1 मई, 2026 से नया ऑनलाइन गेमिंग (New Online Gaming) (PROG) रेगुलेशन लागू होगा। इस कानून के तहत, IPL और चुनाव नतीजों पर बेटिंग की सुविधा देने वाले पॉलीमार्केट (Polymarket: A Platform Offering Betting Facilities) और कलाशी जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म अब सरकार (International Platform: Now the Government) की सीधी नज़र में हैं। IT एक्ट के सेक्शन 69A के तहत इन ऐप्स को ब्लॉक करने की तैयारी (Preparations to Block These Apps) पूरी हो गई है। सरकार ने कड़ा रुख अपनाते (Adopting a tough stance, the government…) हुए कहा है कि विदेशी प्लेटफॉर्म होने के बावजूद (Despite being a platform) , यह भारतीय अधिकार क्षेत्र में आएगा (It will come under Indian jurisdiction.) क्योंकि यह भारतीय यूज़र्स को सर्विस (Service to Indian users) देता है।

 

 

 

 

 

 

 

नए नियमों को आसानी से लागू (Easy implementation of new rules) करने के लिए ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ नाम की एक ताकतवर डिजिटल बॉडी (A powerful digital body named the ‘Authority of India’) बनाई गई है। यह अथॉरिटी अब देश में ‘मनी गेम्स’, ‘ई-स्पोर्ट्स’ और ‘सोशल गेम्स’ के बीच साफ फर्क तय करेगी। इसका मुख्य मकसद बच्चों और समाज के कमज़ोर तबके को फाइनेंशियल रिस्क (Financial Risk) और जुए की लत से बचाना है। यह बॉडी न सिर्फ़ गैर-कानूनी बेटिंग साइट्स (The body covers not only illegal betting sites…) की पहचान करके उन्हें ब्लैकलिस्ट करेगी, बल्कि गेमिंग इंडस्ट्री में ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी के कड़े स्टैंडर्ड भी पक्का (Stringent security standards are also ensured) करेगी। इस कदम से भारत के डिजिटल गेमिंग सेक्टर में कानूनी क्लैरिटी (Legal clarity in India’s digital gaming sector) आने की उम्मीद है।

 

 

 

 

 

 

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती (The Government’s Biggest Challenge) वे यूज़र्स हैं जो रेस्ट्रिक्टेड साइट्स (Users who are on restricted sites) को एक्सेस करने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (virtual Private Network)  (VPNs) का सहारा लेते हैं। इसे “व्हैक-ए-मोल” सिचुएशन बताते हुए, IT सेक्रेटरी ने कहा कि मिनिस्ट्री VPNs के सही और गैर-कानूनी इस्तेमाल में फर्क (Distinction in Illegal Use)  करने के लिए एक बारीक प्रोसेस पर काम (Work on fine-detail processes) कर रही है। सरकार गैर-कानूनी प्रेडिक्शन मार्केट (Government Outlaws Prediction Markets)  पर पूरी तरह बैन लगाने के लिए कमिटेड है, ताकि भारत को डिजिटल क्रिएटिविटी का एक सुरक्षित ग्लोबल हब (Making India a secure global hub for digital creativity) बनाया जा सके। 1 मई से लागू होने वाले इन नियमों के बाद, किसी भी गैर-कानूनी गेमिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेशन (Operation of Illegal Gaming Platforms) एक सज़ा वाला अपराध माना (Deemed a punishable offense) जाएगा।

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