BREAKING NEWS: तेल सप्लाई पर संकट गहराया, होर्मुज पर हाई वोल्टेज ड्रामा! UN की एंट्री—ईरान से रास्ता खोलने की सख्त अपील?
BREAKING NEWS: यूनाइटेड नेशंस (United Nations) ने ईरान से बिना किसी रुकावट के होर्मुज स्ट्रेट खोलने (Opening the Strait of Hormuz without any obstruction) को कहा है। दुनिया भर में तेल सप्लाई बहाल (Global Oil Supply Restored) करने के लिए इंटरनेशनल ट्रेड रूट्स पर डिप्लोमैटिक दबाव बढ़ा (Diplomatic pressure on international trade routes has increased.) है।
यूनाइटेड नेशंस (UN) के सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस (Secretary-General António Guterres) ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने की अपील (Appeal to Fully Open the Strait of Hormuz) की, ताकि सभी देशों के जहाज बिना किसी रुकावट के इससे गुजर (Ships from different countries pass through it without any hindrance.) सकें। उन्होंने कहा कि इस रूट पर कोई टोल या भेदभाव (No tolls or discrimination on the route.) नहीं होना चाहिए और इंटरनेशनल ट्रेड नॉर्मल तरीके से बहाल (International trade restored to normal.) होना चाहिए। इस समुद्री रास्ते को दुनिया के सबसे अहम एनर्जी रूट्स (Sea routes are among the world’s most critical energy routes.) में से एक माना जाता है, क्योंकि दुनिया भर में तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा (A major share of the global oil supply) यहीं से होकर गुजरता है।
होर्मुज को दुनिया के लिए खोलना होगा
होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज़्यादा स्ट्रेटेजिक महत्व (Strategic Importance) है, क्योंकि यह फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ता है और दुनिया भर में तेल सप्लाई (Global Oil Supply) का लगभग 20 परसेंट हिस्सा यहीं से आता-जाता है। यहां किसी भी रुकावट का सीधा असर इंटरनेशनल तेल मार्केट (International Oil Market) और एनर्जी की कीमतों (Energy prices) पर पड़ता है।
ईरान ने US को नया शांति प्रस्ताव दिया
इस बीच, ईरान ने यूनाइटेड स्टेट्स को एक नया प्रस्ताव (Iran has presented a new proposal to the United States.) दिया है। ईरान का कहना है कि वह शिपिंग के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी (The Strait of Hormuz has been completely opened for shipping.) तरह से खोलने को तैयार है, लेकिन बदले में उसे उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने (Lifting economic sanctions) होंगे। कहा जाता है कि यह प्रस्ताव मध्यस्थता के ज़रिए, खासकर पाकिस्तान के ज़रिए US तक पहुंचाया गया है।







