BREAKING NEWS:  प्रदोष व्रत कब रखें कि मिले पूरा फल? मई में 2 खास तारीखें, क्या आप तैयार हैं सही पूजा के लिए?

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Tuesday, April 28, 2026 11:18 AM

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BREAKING NEWS:  प्रदोष व्रत कब रखें कि मिले पूरा फल? मई में 2 खास तारीखें, क्या आप तैयार हैं सही पूजा के लिए?

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क 
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BREAKING NEWS:  धार्मिक मान्यताओं (Religious beliefs)  में प्रदोष व्रत को काफी महत्वपूर्ण (The Pradosh Vrat is considered highly significant.) माना गया है। यह भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से जुड़ा (Related to worship) है। कहा जाता है कि जो साधक इस दिन व्रत (The spiritual seeker observes a fast on this day.) रखता है, उस पर भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा बरसती है। प्रदोष के दिन शाम को पूजा करने का रिवाज (The custom of performing worship in the evening on the day of Pradosh.) है।

 

 

 

 

कोई भी पूजा बिना दान के मानी नहीं (No act of worship is considered complete without an act of charity.) जाती। प्रदोष के दिन भी पूजा के बाद मंदिर में या किसी ज़रूरतमंद को खाना (Food for a needy person)  और पैसे दान करें। मई का महीना शुरू (The month of May begins.)  होने वाला है। आइए जानते हैं इस महीने में प्रदोष व्रत कब आ (When does Pradosh fast come in a month?) रहा है।

 

 

 

 

 

 

मई में प्रदोष व्रत कब है?
कैलेंडर के अनुसार (According to the calendar) , ज्येष्ठ महीने का पहला प्रदोष व्रत 14 मई को और दूसरा 15 मई को पड़ेगा।

 

 

 

 

 

जानें शुभ मुहूर्त
महीने के कृष्ण पक्ष की तृतीया (Tritiya of Krishna Paksha of the month) को सुबह 11:20 बजे शुरू होगा। यह 15 मई को सुबह 8:31 बजे खत्म होगा। 14 तारीख को इतना कुछ नहीं किया जाएगा। उस दिन पूजा का समय शाम 7:04 से 9:09 बजे तक है।

दूसरा प्रदोष व्रत 28 मई को रखा जाएगा। यह 28 तारीख को सुबह 7:56 बजे शुरू होगा और 29 मई को सुबह 9:50 बजे खत्म होगा। इस दिन पूजा का समय शाम 7:12 से 9:15 बजे तक है।

 

 

 

 

इन नियमों का पालन करें
प्रदोष व्रत के दिन व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन (On the day of Pradosh fast, one should observe celibacy.) करना चाहिए तभी व्रत का पूरा फल (The Full Reward of the Fast) मिलता है।
इस दौरान सात्विक भोजन करें (Consume a sattvic diet during this period.) । लहसुन, प्याज, मांस, शराब का सेवन वर्जित माना (The consumption of alcohol was considered prohibited.) जाता है।
इस दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा या बहस न (no fighting or arguing) करें। अपने मन में किसी के लिए गलत विचार बिल्कुल न रखें।
घर और मंदिर को साफ रखें और काले कपड़े न पहनें।
पूजा के दौरान कथा और शिव चालीसा का पाठ जरूर (Be sure to recite the Shiv Chalisa.) करें।
अपनी हैसियत के हिसाब से मंदिर में खाने-पीने की चीजें दान (Donate food and drinks to the temple according to your means.) करें। प्रदोष के दिन दान करने से धन-लाभ (Financial Gains Through Charity on Pradosh) के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती (Happiness and prosperity increase.) है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क नहीं करता।

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