Breaking News: ट्रंप की हाई-लेवल मीटिंग बेकार, प्रेसिडेंट ने साफ कहा, US के हितों और शर्तों को माने बिना ईरान के साथ कोई एग्रीमेंट नहीं
Breaking News: एक संभावित डील (A Potential Deal) पर U.S. और ईरान के बीच गहरी बातचीत के बीच, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Amidst deep conversation, President Donald Trump…) ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई हाई-लेवल मीटिंग (High-level meeting held in the White House Situation Room.) बिना किसी घोषणा के खत्म कर (terminate without any announcement) दी। लगभग दो घंटे चली इस मीटिंग में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम (In this meeting, which lasted for hours, Iran’s nuclear program…) और भविष्य के संभावित एग्रीमेंट (Potential Future Agreements) पर ‘आखिरी फैसला’ लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल (But no concrete results were obtained) सका।
मीटिंग के बाद, व्हाइट हाउस ने साफ (After the meeting, the White House clarified) कर दिया कि ईरान के साथ कोई भी एग्रीमेंट तभी मुमकिन होगा जब वह U.S. के हितों और प्रेसिडेंट द्वारा तय की गई सख्त शर्तों का पूरी (Fulfilling the strict conditions set by the President) तरह से पालन करेगा। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ संकेत (Trump administration gave clear indication) दिए हैं कि ईरान की न्यूक्लियर हथियार बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं (Any attempt by Iran to develop nuclear weapons will not be tolerated.) किया जाएगा। मीटिंग का मुख्य मकसद ईरान की यूरेनियम एनरिचमेंट एक्टिविटी को सीमित (The main objective of the meeting is to limit Iran’s uranium enrichment activities.) करना और उन्हें खत्म करने के लिए एक ठोस एक्शन प्लान (Concrete Action Plan) बनाना था।
दूसरी ओर, ईरान ने किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ़ शब्दों में कहा कि उनका देश अपने फ़ायदे (He said in clear words that his country is working for its own benefit.) और अधिकारों के आधार पर फ़ैसले लेने के लिए आज़ाद (Freedom to make decisions based on rights) है। ईरानी लीडरशिप ने पश्चिम की ‘ज़रूरी’ भाषा को नकारते हुए अपनी आज़ादी पर ज़ोर (Rejecting language and asserting one’s independence) दिया है। इस डिप्लोमैटिक रुकावट ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट (Diplomatic standoff once again rocks the Middle East) में चल रहे तनाव को बढ़ा दिया है।







