Gold and Silver News: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उबाल, 24 कैरेट गोल्ड और सिल्वर दोनों हुए महंगे; खरीदारी से पहले जान लें ताजा रेट और बाजार का पूरा गणित
Gold and Silver News: US और ईरान के बीच चल रहे जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट (Geopolitical development) और शांति समझौते पर बातचीत (Peace agreement talks) के बीच 12 जून, 2026 को भारतीय बुलियन मार्केट में तेजी (Uptrend in the Indian bullion market) देखी गई है। 24 कैरेट सोना 1,48,580 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। ज्वेलरी बनाने के लिए सबसे पसंदीदा 22 कैरेट सोने की कीमत (gold price) 1,36,200 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
इंडस्ट्रियल डिमांड (Industrial demand) और ग्लोबल मार्केट में सुधार के कारण चांदी की कीमतों में मजबूती (Silver prices strengthen due to improvement in the global market.) आई है। चांदी 2,42,800 रुपये से 2,43,000 रुपये प्रति किलोग्राम की रेंज में ट्रेड कर रही है। इंटरनेशनल मार्केट में सोना (Gold in the international market) $4,075 से $4,175 प्रति औंस की रेंज में ट्रेड कर रहा है। चांदी $66 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है।
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों (US President Donald Trump’s recent statements) के बाद एक बार फिर US-ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद है। प्रेसिडेंट ट्रंप ने इशारा (President Trump signaled…) किया है कि दोनों देशों के बीच विवाद को सुलझाने (to resolve the dispute between the two countries) के लिए अगले कुछ दिनों में कोई आखिरी समझौता हो सकता है। मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने की उम्मीद (Hopes for easing geopolitical tensions in the Middle East.) के बीच इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें कम (Crude oil prices down in the international market.) हुई हैं। ब्रेंट क्रूड $90 प्रति बैरल से नीचे आ गया है और US WTI (WTI) क्रूड $87 प्रति बैरल के लेवल से नीचे आ गया है। साथ ही, एनर्जी संकट (, energy crisis) और महंगाई का दबाव थोड़ा कम होने की उम्मीद (Expectation of some easing in inflationary pressure.) है।
US डॉलर इंडेक्स (DXY) अभी 99.90 के लेवल के आसपास मामूली उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर (Stable with minor fluctuations around the level) है, जबकि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.28 पर ट्रेड कर रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम (Geopolitical tensions ease in the international market.) होने और डॉलर की चाल के कारण कीमती धातुओं पर दबाव (Precious metals under pressure due to dollar’s movement.) देखा जा रहा है। ग्लोबल मार्केट में चिंता (Concerns in the global market) है कि हाल के मजबूत U.S. एम्प्लॉयमेंट डेटा के बाद U.S. सेंट्रल बैंक इस साल के आखिर तक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।







