Breaking News: पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों का बड़ा आंदोलन, तीसरे दिन भी नहीं थमा विरोध, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठी मांग
Breaking News: शिक्षा सिस्टम में सुधार (Reforms in the education system) और पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (‘Cockroach Janata Party’ at Jantar Mantar against paper leaks.) का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन कर रहे छात्र, युवा (Students and youth protesting) और सामाजिक कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री (Social activist, Union Education Minister) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों (Protesters) का कहना है कि यह लड़ाई करोड़ों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित (The fight is to secure the future of crores of students.) करने के लिए है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, संघर्ष जारी (The struggle continues until their demands are met.) रहेगा।
सिस्टम के बीच आंदोलन का समाधान
धरना स्थल पर वॉलंटियर्स ने खाने (Volunteers distributed food at the protest site) और पानी का इंतजाम किया है, जहां अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ताओं से अपने मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील (Appeal to party workers to set aside their differences and remain united.) की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन बिजली (The protesters alleged that the administration had stopped providing electricity) और पानी की सप्लाई में रुकावट डाल (interrupting the water supply) रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला नहीं बदला। वक्ताओं ने सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की, और परीक्षा सिस्टम में पारदर्शिता (Transparency in the examination system) और जवाबदेही लाने पर जोर दिया।
कैंडल मार्च की तैयारी
आंदोलन को बड़े पैमाने पर सपोर्ट (Widespread support for the movement) देने के लिए “इंडिया अगेंस्ट पेपर लीक” के बैनर तले सोमवार शाम 6 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन के बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद (Large-scale participation by organizations expected.) है। प्रदर्शनकारियों का साफ मैसेज (A clear message from the protesters) है कि वे एजुकेशन के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे और जब तक ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं (No strict action against responsible officials.) लिया जाता, अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।







