Breaking News:  राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा; आरोपी के योग सेंटर से मिला ‘रामराज्य कोष’ बॉक्स, SIT जांच में खुल सकते हैं कई नए राज

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 Breaking News:  राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा; आरोपी के योग सेंटर से मिला ‘रामराज्य कोष’ बॉक्स, SIT जांच में खुल सकते हैं कई नए राज

Breaking News:  अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाला केस (Ayodhya Ram Mandir Donation Scam Case) में SIT जांच के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी में योग सेंटर से ‘रामराज्य कोष’ लिखा एक बॉक्स (Box) मिला है। इस बॉक्स पर Paytm का QR कोड है। वाराणसी के रहने वाले भास्कर सिंह ने दावा किया कि यह संस्था उनकी है और यह बॉक्स 2017-18 में राम मंदिर निर्माण के लिए यात्रा के दौरान इकट्ठा (Gathered during the yatra for the construction of Ram Temple) किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बॉक्स आरोपी के पास कैसे और क्यों रखा गया था।

कानूनी पेंच और कोर्ट में सुनवाई
इस केस ने अब एक नया कानूनी मोड़ (A new legal turn) ले लिया है, जहां फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम जन्मभूमि थाने में एक अर्जी (Lawyers of Faizabad Bar Association filed an application in Ram Janmabhoomi police station.)  देकर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और दूसरे पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग (Demand to register a case against office-bearers) की है। जांच अधिकारी ने आरोपी (The investigating officer [questioned/charged] the accused…)  अविनाश की 48 घंटे की पुलिस कस्टडी की मांग की है। स्पेशल कोर्ट गुरुवार को पिटीशन पर सुनवाई करने वाला है, जिससे केस में और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद (Shocking revelations expected.) है।

 

 

 

जांच और रिकवरी का दायरा
पुलिस केस की गंभीरता को देखते हुए लगातार सबूत इकट्ठा (Considering the seriousness of the case, the police are continuously collecting evidence.) कर रही है। इससे पहले, 5 जून को सर्च के दौरान आरोपी के घर से इन्वेस्टमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स (Documents related to investments were found at the accused’s house.) और 20 लाख रुपये कैश मिले थे। आरोपी के बैंक अकाउंट से ट्रस्ट के अकाउंट में 5 लाख रुपये वापस भी कर दिए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को आरोपी को लीगल मदद देने का निर्देश (Directive to District Legal Services Authority to provide legal aid to the accused.) दिया गया है, जबकि SIT हर पहलू की जांच कर रही है।

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