Petrol and Diesel Price News: ग्लोबल तेल संकट के बीच केंद्र का बड़ा दांव; ईंधन निर्यात पर टैक्स बढ़ाकर सप्लाई की सुरक्षा, आम जनता की जेब पर नहीं पड़ेगा असर
Petrol and Diesel Price News: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल (Surge in crude oil prices in the global market.) और US और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण केंद्र सरकार ने फ्यूल एक्सपोर्ट ड्यूटी में (Due to tension, the central government has increased the fuel export duty.) बड़े बदलाव किए हैं। नए नोटिफिकेशन के अनुसार (According to the new notification) , डीज़ल पर विंडफॉल टैक्स 8.5 रुपये से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर और ATF (ATF) पर 7.5 रुपये से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल पर ड्यूटी 4 रुपये से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जिससे एक्सपोर्टर्स को राहत मिली (Which brought relief to exporters.) है।
टैक्स बढ़ाने का कारण
सरकार का यह पॉलिसी एक्शन मुख्य रूप से घरेलू मार्केट में फ्यूल की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित (Policy action is primarily aimed at ensuring adequate fuel supply in the domestic market.) करना है। सरकार विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil prices in the international market) में भारी उतार-चढ़ाव के कारण तेल रिफाइनिंग कंपनियों (Oil refining companies due to significant volatility) को मिलने वाले बेतहाशा मुनाफे को रोकने के लिए करती (…acts to curb exorbitant profits.) है। देश की फिस्कल स्थिति को सुरक्षित रखते हुए एनर्जी सिक्योरिटी को प्राथमिकता (Prioritizing energy security while ensuring safety.) देने के लिए हर दो हफ्ते में ग्लोबल हालात की समीक्षा करने के बाद यह फैसला (This decision was taken after reviewing the global situation.) लिया गया।
आम कंज्यूमर्स पर इसका असर
आम नागरिकों को राहत (Relief for ordinary citizens) देते हुए, विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी का देश के पेट्रोल पंपों पर फ्यूल की कीमतों (The impact of the windfall tax hike on fuel prices at the country’s petrol pumps) पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। यह टैक्स सिर्फ ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों द्वारा किए जाने वाले एक्सपोर्ट (Tax only on exports made by oil refining companies.) पर लागू होता है। 16 जुलाई, 2026 को देश के बड़े मेट्रो शहरों, जैसे दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल और डीज़ल की रिटेल कीमतें पूरी तरह से स्थिर (Retail diesel prices remain completely stable.) रहेंगी, जिससे लोगों पर महंगाई का कोई अतिरिक्त बोझ (No additional burden of inflation on the people) नहीं पड़ेगा।







