Gold and Silver Prices: सर्राफा बाजार में बड़ा उलटफेर, सोना चमका; चांदी फिसली, ग्लोबल तनाव से बढ़ी निवेशकों की चिंता

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Gold and Silver Prices: सर्राफा बाजार में बड़ा उलटफेर, सोना चमका; चांदी फिसली, ग्लोबल तनाव से बढ़ी निवेशकों की चिंता

Gold and silver prices: आज भारतीय मार्केट में सोने (Gold in the Indian market)  और चांदी की कीमतों में मिला-जुला ट्रेंड  (Mixed trend in silver prices) देखने को मिल रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange)  (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर 0.26 परसेंट बढ़कर 1,40,718 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसके उलट, चांदी की कीमतों में गिरावट जारी (Silver prices continue to fall.) है; सिल्वर फ्यूचर (Silver Futures) 0.23 परसेंट गिरकर 2,15,512 रुपये प्रति kg पर आ गया।

 

 

 

ग्लोबल टेंशन और मार्केट का दबाव
मार्केट एक्सपर्ट्स (Market experts) का मानना ​​है कि US और ईरान के बीच बढ़ता टेंशन सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का मुख्य (Tension is the main reason for fluctuations in gold and silver prices.) कारण है। इस जियोपॉलिटिकल टकराव ने कच्चे तेल की कीमतों (Geopolitical conflict has hit crude oil prices)  को $85 प्रति बैरल के करीब पहुंचा दिया है, जिससे ग्लोबल लेवल पर डिफ्लेशन और महंगाई (Deflation and inflation at the global level) का डर बढ़ गया है। इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स के 100.78 के लेवल पर पहुंचने का भी विदेशी करेंसी के मुकाबले मेटल की कीमतों पर बुरा असर (Adverse impact on metal prices)  पड़ रहा है।

 

 

 

इन्वेस्टर्स की बदलती प्राथमिकताएं
मौजूदा फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट्स  (Current Federal Reserve interest rates) को लेकर अनिश्चितता और एनर्जी सप्लाई में रुकावट  (Uncertainty and disruptions in energy supply) के डर ने इन्वेस्टर्स की चिंता बढ़ा (Fear heightened investors’ concerns.) दी है। एक्सपर्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, बढ़ती इंटरेस्ट रेट्स के कारण इन्वेस्टर्स बॉन्ड्स को एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट के तौर (Due to interest rates, investors view bonds as a safe investment.) पर देख रहे हैं, जिसका सीधा असर मेटल्स की डिमांड (Direct impact on metals demand) और कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि, मार्केट में यह उथल-पुथल इन्वेस्टर्स के लिए सावधान (This market volatility calls for caution among investors.)  रहने का संकेत है, क्योंकि ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल अभी भी काफी मुश्किल (The global economic environment remains quite challenging.) बना हुआ है।

 

 

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