Singrauli Breaking News: 75 लाख के वाटर बाउजर टेंडर पर उठे सवाल, क्या नगर निगम ने चुनिंदा फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए बिछाया शर्तों का जाल?
अवनीश तिवारी
नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क सिंगरौली
Singrauli Breaking News: सिंगरौली नगर निगम (Singrauli Municipal Corporation) द्वारा करीब 75 लाख रुपये की लागत से 15 हजार लीटर क्षमता वाले वाटर बाउजर (15,000-liter capacity water bowsers) की खरीदी के लिए जारी टेंडर अब सवालों के घेरे (Tender issued for procurement now under scrutiny.) में आ गया है। टेंडर दस्तावेज़ में शामिल कई ऐसी पात्रता शर्तों को लेकर चर्चा तेज (Intensifying discussion regarding several eligibility conditions included in the tender document.) है, जिन्हें देखकर स्थानीय ठेकेदार और व्यवसायी यह सवाल उठा (The businessman raised this question.)B रहे हैं कि आखिर एक वाटर बाउजर की खरीदी के लिए इतनी जटिल (The process for purchasing the water bowser is so complex.) और लंबी शर्तों की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह टेंडर सभी योग्य कंपनियों के लिए खुला (Open to eligible companies) है या फिर इसे किसी विशेष फर्म के अनुरूप तैयार किया (Tailored to a specific firm) गया है?
दस्तावेज़ के अनुसार, टेंडर में भाग लेने वाली फर्म (According to the document, the firms participating in the tender) के लिए Gumasta, EPF, ESIC, GST, MSME, Start-up India के साथ-साथ ISO 9001, ISO 14001, ISO 45001 सहित कई अन्य प्रमाणपत्र अनिवार्य (…along with several other mandatory certificates.) किए गए हैं। इतना ही नहीं, Risk Management System, Energy Management System, Fusion Welding ISO, Customer Satisfaction Management जैसे अतिरिक्त प्रमाणपत्रों की भी मांग की गई है। सवाल यह है कि क्या एक वाटर बाउजर की सप्लाई के लिए इतनी अधिक तकनीकी पात्रता वास्तव में आवश्यक (Such stringent technical eligibility for supply is indeed necessary.) है या फिर यह सामान्य प्रतिस्पर्धा को सीमित करने का प्रयास (Attempt to restrict normal competition) है?
टेंडर में यह शर्त भी रखी गई है कि बोलीदाता का सिंगरौली में स्थानीय कार्यालय होना (Bidder having a local office in Singrauli) चाहिए। इसके अलावा नगर निगम या अन्य सरकारी विभाग में पूर्व अनुभव (Prior experience in Municipal Corporation or other Government Department,) , 50 लाख रुपये का औसत वार्षिक टर्नओवर, प्री-बिड प्रेजेंटेशन, सैंपल अप्रूवल और थर्ड पार्टी निरीक्षण जैसी शर्तें भी जोड़ी (Conditions such as third-party inspection were also added.) गई हैं। इन शर्तों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे छोटे और योग्य सप्लायर स्वतः ही प्रतिस्पर्धा से बाहर नहीं हो जाएंगे?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि टेंडर की शर्तें इतनी कठिन हों कि कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही पात्र (If the tender conditions are so stringent that only a handful of companies are eligible…) रह जाएं, तो फिर खुली और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का उद्देश्य कैसे पूरा (How is the objective of a transparent tender process fulfilled?) होगा? स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सरकारी टेंडर का उद्देश्य अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना होना चाहिए, ताकि शासन को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री मिल (The government should get quality material at reasonable rates.) सके।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि इस टेंडर में आखिर कितनी कंपनियां भाग (How many companies participated in the tender?) लेती हैं, कितनी तकनीकी रूप से योग्य घोषित (Declared technically qualified) होती हैं और अंततः किसे कार्यादेश मिलता है। यदि सीमित संख्या में ही कंपनियां पात्र होती हैं, तो टेंडर की शर्तों पर सवाल (Questions raised over tender conditions) और गहरे हो सकते हैं।
हालांकि, केवल टेंडर दस्तावेज़ (Tender documents only) के आधार पर किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लेकिन दस्तावेज़ में शामिल पात्रता शर्तों (But the eligibility conditions included in the document…) को देखते हुए यह मांग जरूर उठ रही है कि नगर निगम सिंगरौली इस टेंडर की प्रत्येक शर्त का सार्वजनिक औचित्य स्पष्ट करे (Singrauli Municipal Corporation should clarify the public justification for each condition of this tender.) और पूरी निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए। यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप है तो प्रशासन को भी सामने आकर यह बताना चाहिए कि इतनी कठोर शर्तों की आवश्यकता (Need for stringent conditions) क्यों पड़ी, ताकि जनता के बीच उठ रहे संदेह दूर हो सकें।







