Singrauli News:   सिंगरौली में PHE की 9 योजनाओं की लागत में बड़ा बदलाव, 54 लाख की योजना पहुंची 343 लाख—526% तक बढ़ी लागत के आंकड़े चर्चा में

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Singrauli News:   सिंगरौली में PHE की 9 योजनाओं की लागत में बड़ा बदलाव, 54 लाख की योजना पहुंची 343 लाख—526% तक बढ़ी लागत के आंकड़े चर्चा में

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में पुनरीक्षित योजनाओं की स्वीकृति (Approval of revised schemes for the Public Health Engineering Department, Singrauli.) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किये जा (Serious questions are raised about) रहे हैं। विभाग के एक आधिकारिक पत्र (An official letter from the department) में नौ योजनाओं की मूल लागत 604 लाख रुपये से बढ़ाकर 2527.46 लाख रुपये किए जाने का उल्लेख है। यानी कुल लागत में लगभग 1923.46 लाख रुपये करीब 19.23 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात (The most shocking thing)  यह है कि एक योजना में लागत वृद्धि 526.86 प्रतिशत तक दिखाई गई है, जबकि विभागीय वित्तीय अधिकारों के अनुसार कार्यपालन यंत्री(Executive Engineer as per departmental financial powers) अधीक्षण यंत्री और मुख्य अभियंता के स्वीकृति अधिकार (Approval powers of the Chief Engineer) इससे कहीं कम बताए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी अधिक वृद्धि किस नियम के तहत स्वीकृत (After all, under which rule was such a massive increase approved?) की गई। दस्तावेज के अनुसार खौरा योजना की मूल लागत (Original cost of the Khaura scheme according to the document) 50.03 लाख थी, जिसे बढ़ाकर 288.15 लाख कर दिया गया। यानी 238.12 लाख रुपये की वृद्धि और 475.95 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। घोघरा योजना 68.26 लाख से 154.52 लाख पहुंची, अर्थात 86.26 लाख की वृद्धि और 126.37 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। कसर योजना 59.35 लाख से बढ़कर 218.01 लाख हुई, यानी 158.66 लाख अतिरिक्त और 267.33 प्रतिशत वृद्धि हुई। इसी प्रकार धवई योजना 72.61 लाख से 304.50 लाख पहुंची, जिसमें 231.89 लाख की वृद्धि और 319.36 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज है।

 

 

 

ठेकेदारों की एफडीआर में बड़ा खेला
चर्चाओं के मुताबिक दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि इन योजनाओं को संबंधित संविदाकार की सहमति (The plans must be approved by the concerned contractor.) के आधार पर पुन: कार्य प्रारंभ कराने का प्रस्ताव भेजा (A proposal has been sent to restart the work.) गया। आरोप यह है कि जिन ठेकेदारों की एफडीआर पहले ही मुक्त की जा चुकी (Contractors whose FDRs have already been released)  थी, उन्हें दोबारा सहमति के आधार पर कार्य कैसे सौंपा गया। यदि संविदा की पूर्व शर्तें समाप्त हो चुकी (If the conditions precedent to the contract have ceased to exist) थीं तो पुन: सहमति का आधार क्या था, यह बड़ा प्रश्न बन गया है। विभाग के कार्यपालन यंत्री पर आरोप (Allegations against the department’s Executive Engineer) है कि पिछले दो वर्षों में कई वित्तीय अनियमितताएं (Several financial irregularities over the past two years) हुई हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि वे पूर्व में भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में निलंबित रह चुके (Previously suspended in connection with corruption-related cases) हैं तथा उस समय उनके पास सीधी का अतिरिक्त प्रभार भी था। अब दस्तावेज सामने आने के बाद पूरे मामले में उच्चस्तरीय तकनीकी,वित्तीय और सतर्कता जांच की मांग तेज हो (Demands for a vigilance probe should intensify.) गई है। सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन के उपयोग और विभागीय जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े(The matter raises serious questions regarding the utilization of public funds worth crores of rupees and departmental accountability.)  करता है।

 

 

 

 

नौगई-पराई योजना में सबसे अधिक वृद्धि
सूत्रों की बात माने तो चितरंगी ब्लॉक के नौगई-पराई योजना में सबसे अधिक वृद्धि (Highest increase in the Naugai-Parai scheme of Chitrangi block.)  हुई। इसकी लागत 54.87 लाख से बढ़ाकर 343.96 लाख कर दी गई। यानी 289.09 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि और 526.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पराई योजना 68.68 लाख से 191.96 लाख पहुंची, जिसमें 123.28 लाख की वृद्धि और 179.50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। बैरदह योजना की लागत 69.15 लाख से बढ़कर 370.70 लाख कर दी गई। इसमें 301.55 लाख रुपये की वृद्धि और 436.08 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। ओड़गड़ी योजना 64.92 लाख से 324.28 लाख पहुंची, यानी 259.36 लाख अतिरिक्त और 399.51 प्रतिशत वृद्धि हुई। वहीं बाघाडीह योजना 96.13 लाख से बढ़कर 331.38 लाख हो गई, जिसमें 235.25 लाख रुपये की वृद्धि तथा 244.72 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज है।

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