Singrauli News: सिंगरौली में जर्जर पुलिया बनी हादसे का खतरा, खम्हारडीह-बछनार मार्ग पर ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
सड़क की सतह भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है और पुलिया पर टूट-फूट के साथ गहरे गड्ढे दिखाई (It is damaged, and deep potholes are visible on the culvert, along with signs of wear and tear.) दे रहे हैं। मार्ग का निर्माण वर्ष 2021-22 में मेसर्स नित्यान्ता इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, सतना द्वारा कराया गया था। सड़क किनारे लगे बोर्ड पर वर्ष 2027 तक प्रतिवर्ष मेंटेनेंस कराए (Ensure annual maintenance is carried out until the year 2027, as indicated on the roadside board.) जाने का उल्लेख है। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के बाद से अब तक नियमित मेंटेनेंस नहीं कराया (Despite this, villagers allege that regular maintenance has not been carried out since its construction.) गया। सवाल यह है कि जब सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी तय थी तो विभागीय अमला अब तक कहां था? सड़क की मौजूदा हालत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के महाप्रबंधक, सहायक यंत्री और उपयंत्री की निगरानी व्यवस्था (Where was the oversight? The current condition of the road and the monitoring mechanism involving the General Manager, Assistant Engineer, and Sub-Engineer of the Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana.) पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या अधिकारियों ने कभी मौके पर पहुंचकर सड़क और पुलिया की स्थिति देखी, यदि निरीक्षण हुआ तो जर्जर पुलिया (Upon arrival, the condition of the road and the culvert was inspected; the culvert was found to be in a dilapidated state.) की मरम्मत के लिए कार्रवाई क्यों नहीं हुई? वहीं मेंटेनेंस ठेकेदार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ग्रामीणों के मुताबिक जर्जर पुलिया के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके (According to the villagers, several accidents have occurred in the past due to the dilapidated culvert.) हैं। बारिश के दौरान खतरा और बढ़ गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण इस मार्ग से गुजरते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण कर सड़क व पुलिया (The villagers requested the district administration and the concerned department to immediately inspect the road and culvert.) की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद जागने के बजाय विभाग समय रहते जिम्मेदारी निभाए।







