Singrauli News: सिंगरौली में पहली बारिश ने खोली निर्माण की पोल; लाखों के चेकडैम और पुलिया हुए क्षतिग्रस्त, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली में पिछले तीन वर्षो के दौरान जिले में मुख्यमंत्री अवधोसंरचना एवं सांसद मद (Chief Minister’s Infrastructure and MP’s Fund in the district during three years) तथा 15वें वित्त से मंजूर राशि में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के बू सामने आ (Smells of widespread corruption in the sanctioned amount have surfaced.) रहे हैं। निर्माण कार्यो में व्यापक पैमाने (large scale construction work) पर अनियमितताएं की गई हैं।
इस तरह के सनसनीखेज मामला चितरंगी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत घोघरा का आया है। जहां एक सीजन बारिश को लाखों कीमत के चेकडैम एवं पुलिया नही झेल पाई (Check dams and culverts worth lakhs could not withstand the seasonal rains.) है। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत क्षेत्र चितरंगी के ग्राम पंचायत घोघरा में सांसद मद से चेकडैम के लिए 15 लाख रूपये की मंजूरी वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिली थी, जहां क्रियान्वयन एजेंसी ग्राम पंचायत के द्वारा वित्तीय वर्ष में चेकडैम का निर्माण कार्य (Construction of check dams in the financial year by the implementing agency Gram Panchayat) कराया गया, किंतु कई ग्रामीणों का आरोप (Villagers’ allegation) है कि उक्त चेकडैम कमीशनखोरी के भेंट चढ़ गया और गुणवत्ता विहीन कार्य होने के कारण चेकडैम एक सीजन की बारिश (The check dam fell victim to kickbacks, and due to substandard construction, it could not withstand even a single season of rain.) को भी नही झेल पाया है। सूत्र तो यहां तक बता रहे हैं कि चेकडैम में सरिया यानी लोहे का इस्तेमाल नही किया गया है। हालांकि इसकी अधिकृत पुष्टि नही हुई है। निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा की उक्त कार्य में कहां पर गड़बड़ी (Only after an impartial investigation will it become clear where the irregularities occurred in the said work.) हुई है और किस वजह से चेकडैम ध्वस्त हुआ। वहीं इसी पंचायत में करीब 8 लाख रूपये की लागत से एक नाला पर 15वें वित्त से पुलिया का निर्माण हुआ था और वह पुलिया भी इसी बारिश में क्षतिग्रस्त (The small bridge was also damaged in this rain.) हो गई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उपयंत्री, सहायक यंत्री अपने दफ्तर में ही बैठक कर कार्यो का मूल्यांकन कर (The assistant engineer sits in his office and evaluates the work.) देते हैं, यह बात किसी से छुपी नही हैं। ग्रामीणों ने इस ओर कलेक्टर एवं जिपं सीईओ का ध्यान आकृष्ट कराते (The villagers drew the attention of the Collector and Zilla Panchayat CEO towards this.) हुये उक्त मामले की जांच कराने की मांग की है।
उपयंत्री एवं सहायक यंत्री के कार्यप्रणाली पर सवाल
ग्रामीणों की बात माने तो निर्माण कार्यो में मंजूरी से लेकर मूल्यांकन तक में जमकर कमीशनखोरी (Rampant commission-seeking in construction projects, from the approval stage to valuation.) होती है और बिना कमीशन के फाईले एक से दूसरे टेबल (Files moving from one table to another without a commission.) पर नही जाती। पर सवाल उठता है कि जब गुणवत्ता विहीन कार्य हो रहा था, उस दौरान सहायक यंत्री एवं उपयंत्री क्यों नही परखा और क्या निर्धारित प्राक्कलन के अनुसार कार्य कराया गया था, इसकी भी विधिवत जांच हो। ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि यदि आरोप सही है तो सहायक यंत्री एवं उपयंत्री से भी राशि वसूल कर इनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई (Recovery of funds from Assistant Engineers and Sub-Engineers, and strict action against them as well.) हो। ग्रामीणों के अनुसार गुणवत्ता विहीन कार्य का नतीजा (The result of substandard work, according to the villagers.) है। उपयंत्री फील्ड में आते तो, शायद गुणवत्ता विहीन कार्य न होता।
निर्माण कार्यो के 50-50 प्रतिशत भुगतान भी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चेकडैम के लिए कुल राशि 15 लाख रूपये सांसद मद से मंजूर (Accordingly, a total amount of ₹15 lakh has been sanctioned for the check dam from the MP’s fund.) हुई थी, जिसमें चर्चा है कि द्वितीय किस्त के लिए मांग पत्र जनपद पंचायत (Demand Letter for the Second Installment – Janpad Panchayat) में क्रियान्वयन एजेंसी के द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसमें पहले 50 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है। इसी तरह 15वां वित्त पुलिया निर्माण कार्य के लिए 8 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति थी, जिसमें 50 प्रतिशत भुगतान क्रियान्वयन एजेंसी ने हासिल कर लिया है। शेष बकाया भुगतान के लिए मांग (Demand for payment of balance dues) की गई है। हालांकि उक्त मामले में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास (Attempt to contact the concerned officials regarding the matter.) किया गया, लेकिन किन्ही कारणों से संपर्क नही हो पाया।







