Singrauli News: सिंगरौली के 80 छात्रावासों में रोटी मेकर खरीदी पर बवाल, मशीनों की उपयोगिता और DMF फंड के खर्च पर उठे गंभीर सवाल?

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Singrauli News: सिंगरौली के 80 छात्रावासों में रोटी मेकर खरीदी पर बवाल, मशीनों की उपयोगिता और DMF फंड के खर्च पर उठे गंभीर सवाल?

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली जिले के बैढ़न, देवसर, चितरंगी, माड़ा और सरई क्षेत्र के करीब 80 छात्रावासों में रोटी मेकर मशीनों की खरीदी अब सवालों के घेरे में (Purchase of roti-making machines for 80 hostels now under scrutiny.) है। आरोप है कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व तत्कालीन कलेक्टर के कार्यकाल में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से इन मशीनों की खरीदी पर बड़ी राशि खर्च (It is alleged that about one and a half years ago, during the tenure of the then Collector, a huge amount was spent on the purchase of these machines from the District Mineral Foundation head.) की गई, लेकिन जिन उद्देश्यों के लिए मशीनें खरीदी गईं, उनके अनुरूप उनका उपयोग नहीं हो (The machines are not being used for the purposes for which they were purchased.) रहा है। कई छात्रावासों में मशीनें अनुपयोगी पड़ी होने और धूल फांकने के आरोप लगाए (Allegations were raised that machines in several hostels were lying unused and gathering dust.)  जा रहे हैं। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में रोटी मेकर मशीनों की खरीदी का आधार क्या था और क्या खरीद से पहले छात्रावासों की वास्तविक जरूरत (After all, what was the basis for purchasing such a large number of roti-making machines, and were the actual needs of the hostels assessed prior to the purchase?) का आकलन किया गया था। आरोप है कि खरीदी प्रक्रिया में जरूरत, गुणवत्ता और बाजार दर की पर्याप्त जांच किए बिना मशीनों की आपूर्ति कराई गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नाम न छापने की शर्त पर एक ठेकेदार ने आरोप (However, these allegations have not been independently confirmed. A contractor, speaking on condition of anonymity, made the allegations.) लगाया कि टेंडर प्रक्रिया से लेकर फर्म के चयन और मशीनों की सप्लाई तक एक खास पक्ष को लाभ पहुंचाने की कोशिश (An attempt to benefit a specific party at every stage—from the tender process to the selection of the firm and the supply of machines.) की गई। यदि यह आरोप सही है तो टेंडर की शर्तों, पात्रता, चयनित फर्म, तकनीकी स्वीकृति और दर निर्धारण की जांच से पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

 

 

जांच का दूसरा अहम बिंदु मशीनों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति है। प्रत्येक छात्रावास का मौके पर भौतिक सत्यापन कर यह देखा जाना जरूरी (It is essential to conduct an on-the-spot physical verification of each hostel.) है कि कितनी मशीनें स्वीकृत हुईं, कितनी खरीदी गईं, कितनी मशीनें वास्तव में पहुंचीं और वर्तमान में कितनी चालू हालत में हैं। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मशीनों के सीरियल नंबर का मौके पर उपलब्ध मशीनों से मिलान (Matching the serial numbers of machines recorded in the stock register with the machines available on the spot) भी कराया जाना चाहिए।इसके अलावा टेंडर दस्तावेज, चयनित फर्म, खरीद दर, बिल-वाउचर, भुगतान अभिलेख और सप्लाई संबंधी दस्तावेजों की जांच के साथ मशीनों की खरीद दर की तत्कालीन बाजार कीमत से तुलना कराने की मांग उठ (There was a demand to compare the purchase rate with the current market price.) रही है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी धन से खरीदी गई मशीनों पर वास्तविक कीमत से अधिक भुगतान तो नहीं किया (It will become clear whether an amount exceeding the actual price was paid for machines purchased with government funds.) गया। यदि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद मशीनें छात्रावासों में नियमित उपयोग में नहीं आ रही हैं तो खरीद की उपयोगिता और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होते हैं। मांग है कि बैढ़न, देवसर, चितरंगी, माड़ा और सरई के सभी 80 छात्रावासों की खरीदी की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और आपूर्तिकर्ता की भूमिका तय करते हुए कार्रवाई तथा सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की (Action was taken and the recovery of government funds was ensured after determining the roles of employees and suppliers.) जाए।

 

 

बजट 6 का खपत 15 सिलेन्डर

प्रत्येक छात्रावासो में अधिकतम एक महिने के लिए 5 से 6 सिलेन्डर के लिए ही राज्य सरकार से बजट मुहैया (The state government provides budget for only 5 to 6 cylinders in each hostel for a maximum of one month.) कराया जाता है। और रोटी मेकर्स से कम से कम 12 और अधिकतम 15 घरेलू गैष सिलेन्डर की खपत है करीब 9 सिलेन्डर का बजट कहा से आयेगा। इसी बात का लेकर संबंधित विभाग अधिकारी जहां चिंतित(Officials from the concerned department are concerned about this very matter.)  है वही लाखो रूपये की रोटी मेकर्स का अब उपयोगिता कैसी होगी यह अपने आप में चिन्ह खड़ा होने लगा है। वही विभागीय सूत्र बताते है कि बजट बढ़ने की दूर दूर तक संभावना नही है उसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि अकेले सिंगरौली जिले का बजट नही बढ़ेगा और प्रदेष भर का बजट बढ़ाने में प्रदेष सरकार का महीने में करोड़ो रूपये का अतिरिक्त भार आयेगा। आम आदमी पार्टी के प्रदेष सचिव राजेश सोनी का कहना है कि सामंग्रियो का क्रय करने में भारी खेला हुआ है। इसकी उच्चस्तरीय जाॅच कराने की जारूरत है। इसमें पूर्व के कई अधिकारी एवं सप्लायर शामिल है खरीदी में जमकर कमीषनखोरी हुई और डीएमएफ फण्ड का दुरूपयोग हुआ है।

इनका कहना है।

इस संबंध में कलेक्टर के यहा जाॅच प्रतिवेदन भेजा जा रहा है जैसा निर्देश होगा आगे कार्य किया जायेगा ।

रेखा पांचाल

सहायक आयुक्त

जन जाति कार्य विभाग सिंगरौली।

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