Singrauli News: सिंगरौली में THDC कोल माइंस पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

Follow Us

Advertisement

Singrauli News: सिंगरौली में THDC कोल माइंस पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

सिंगरौली में 5 साल से कोयला उत्पादन कर रही THDC, फिर भी मुआवजा और पुनर्वास के लाभ से वंचित ग्रामीण; हैवी ब्लास्टिंग और प्रदूषण से जान पर बन आई, आज महिलाओं ने संभाला मोर्चा, कंपनी प्रबंधन के खिलाफ फूटा आक्रोश

नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली

Singrauli News:  सिंगरौली में पांच साल से कोयला उत्पादन जारी, लेकिन मुआवजे और विस्थापन का सवाल अब भी बरकरार (Coal production has been underway in Singrauli for five years, yet the issues of compensation and displacement remain unresolved.) , THDC कोल माइंस में ग्रामीणों के विरोध ने कंपनी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े (Protests by villagers at coal mines have raised serious questions about the company’s operations.) कर दिए हैं। सोमवार को नाराज ग्रामीणों ने कोयला परिवहन रोक दिया, वहीं महिलाएं लाठी-डंडे लेकर वाहनों के सामने डट गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान से उत्पादन जारी है, लेकिन प्रभावित परिवार अपने हक और पुनर्वास के लिए संघर्ष करने को मजबूर (Affected families forced to fight for their rights and rehabilitation) हैं।

प्रभावित हीरामती सिंह ने आरोप लगाया कि ब्लास्टिंग से उनके घर में दरारें आ रही हैं और खदान का प्रदूषण घर तक पहुंच रहा (Blasting is causing cracks to appear in their homes, and pollution from the mine is reaching their houses.)  है। संपत्तियां देवी ने कंपनी पर आंदोलन करने पर पुलिस बुलाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया (Allegations were made of threatening to call the police and send someone to jail.) । वहीं, सुंदर काली ने उचित मुआवजा देने और विस्थापन के बाद दूसरी जगह बसाने की मांग उठाई।

 

THDC प्रबंधन का दावा—ज्यादातर को मिला लाभ
कंपनी के उप प्रबंधक सीके गोस्वामी के मुताबिक, ज्यादातर ग्रामीणों को विस्थापन का लाभ दिया जा चुका है और शेष पात्र लोगों को एक सप्ताह के भीतर लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने जिला प्रशासन के खाते में राशि जमा कराई (It was stated that the company deposited the amount into the district administration’s account.) है। परिवहन और उत्पादन रुकने से पावर प्लांट के संचालन में परेशानी होने की बात भी कही (Concerns were also raised about disruptions to power plant operations due to the halting of transportation and production.)  गई है।

 

कंपनी से सवाल—उत्पादन की चिंता है, तो प्रभावितों के हक की जवाबदेही कौन लेगा?
THDC परियोजना में आदित्य बिड़ला ग्रुप के साथ ज्वाइंट वेंचर के तहत करीब पांच साल से कोयला खनन (Coal mining has been going on for nearly five years under a joint venture with the Aditya Birla Group.) हो रहा है। पीडरवाह, पीयरवा, बादलमारा और बोदरा टोला को मिलाकर कोल ब्लॉक बनाया गया है। इसके बावजूद मुआवजे और पुनर्वास को लेकर विवाद सामने आना कंपनी की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों के आरोपों और प्रबंधन के दावों के बीच अब जरूरी है कि पात्र परिवारों की सूची सार्वजनिक हो, लंबित मुआवजे की स्थिति स्पष्ट की जाए और प्रभावित घरों को हुए नुकसान की जांच कराई जाए।

आखिर THDC प्रबंधन बताए—पांच साल से खनन के बावजूद ग्रामीण अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर क्यों हैं? क्या कंपनी प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगी या ग्रामीणों को अपने अधिकारों के लिए इसी तरह संघर्ष करना पड़ेगा?

#

Related News

October 12, 2026

October 12, 2026

October 12, 2026

October 12, 2026

October 12, 2026

October 12, 2026

Leave a Comment