Breaking News:  एसबीआई ने साइबर सुरक्षा केंद्र खोला, लेकिन 3,800 से ज्यादा खातों का डेटा लीक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल?

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Breaking News:  एसबीआई ने साइबर सुरक्षा केंद्र खोला, लेकिन 3,800 से ज्यादा खातों का डेटा लीक होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल?

Breaking News:  देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक(The country’s largest lender, State Bank of India)  (एसबीआई) ने सोमवार को अपने ‘साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ के उद्घाटन की घोषणा की (Announced the inauguration of the ‘Centre of Excellence for Cybersecurity’) । बैंक ने बताया कि यह केंद्र साइबर नीति, साइबर अकादमी, नवाचार, अनुसंधान, थ्रेट इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को एक ही रणनीतिक मंच पर एक साथ लाता (Brings cybersecurity capabilities together onto a single strategic platform) है। यह पहल वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा मजबूत करने और डिजिटल लचीलापन बढ़ाने (Strengthening cybersecurity and enhancing digital resilience in the financial sector) की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य उभरते खतरों का पहले से अनुमान लगाना और एक सुरक्षित डिजिटल वित्तीय इकोसिस्टम तैयार (The primary objective is to anticipate emerging threats in advance and build a secure digital financial ecosystem.) करना है।

 

 

उल्लेखनीय है कि महज पांच दिन पहले ही एसबीआई ने उसके कुछ ग्राहकों के निजी डेटा डार्क वेब पर लीक होने की पुष्टि (SBI confirms that the personal data of some of its customers has been leaked on the dark web.) की थी। उसने 21 अक्टूबर को शेयर बाजार को बताया था कि उसके करीब पौने चार लाख ग्राहकों के डाटा डार्क वेब पर उपलब्ध थे (Data of nearly 375,000 customers was available on the dark web.)  जिनमें 3,800 से अधिक खातों के निजी डेटा लीक होने की जांच में पुष्टि हो चुकी है। ‘साइरिस’ उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने किया। इस अवसर पर एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी भी मौजूद थे। श्री लोहिया ने कहा, “जैसे-जैसे देश का वित्तीय पारितंत्र डिजिटल होता जा रहा है, नवाचार के साथ-साथ साइबर साइबर सुरक्षा को मजबूत करना भी जरूरी (The country’s financial ecosystem is becoming digital; along with innovation, it is also essential to strengthen cybersecurity.)  है। साइरिस पूरे पारितंत्र में क्षमताओं, सहयोग और तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक समयोचित पहल है।”

 

 

बैंक की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस केंद्र के जरिए साइबर नीति को मजबूत करने, प्रतिभा और जागरूकता विकसित करने, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने, तथा साइबर सुरक्षा (Strengthening cyber policy, developing talent and awareness, fostering innovation and research, and cybersecurity through the Centre) और थ्रेट इंटेलिजेंस को बेहतर बनाने के प्रयास किए (Efforts were made to improve cybersecurity and threat intelligence.) जाएंगे।

 

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