AgricultureTop storyरोज़गार

21 हजार रुपए में मिलता है सिर्फ 1 आम,जानिए

सिर्फ 1 आम 21 हजार रुपए में मिलता है, जानिए क्या है खास

21 हजार रुपए में मिलता है सिर्फ 1 आम,जानिए
आज हम आपको एक ऐसे आम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत आपके होश उड़ा देगी। हम जिस आम की बात कर रहे हैं वह जापान में पाया जाता है। इसके अलावा यह आम भारत में भी पाया जाता है।

दुनिया के अलग-अलग देशों के आमों की भी अपनी एक खासियत होती है। आप सभी ने दशहरी, चौसा और लंगड़ा आम का नाम तो सुना ही होगा.

लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत आपके होश उड़ा देगी। हम जिस आम की बात कर रहे हैं वह जापान में पाया जाता है। इसके अलावा यह आम भारत में भी पाया जाता है।

जापान में पाए जाने वाले दुनिया के सबसे महंगे आम का नाम है ताइयो नो तमांगो। यह जापान के मियाज़ाकी में होता है, जबकि यह बिहार के पूनिया और मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी पाया जाता है। आम आदमी इस आम को खरीदने का सपना भी नहीं देख सकता। आइए जानते हैं इस खास आम के बारे में।

आम

यह आम आमतौर पर जापान के क्यूशू प्रान्त के मियाज़ाकी शहर में उगाया जाता है। लेकिन इसके कुछ पेड़ मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी हैं और एक पेड़ बिहार के पूर्णिया में मौजूद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 2.7 लाख रुपये प्रति किलो है।

भारत में ताइयो नो तमंगो नस्ल के एक आम की कीमत 21 हजार बताई जाती है। पूर्णिया में इस नस्ल का एक पेड़ है जो 25 साल से मौजूद है। इस आम को खाने में मिठास के अलावा नारियल और अनानास का हल्का स्वाद भी आता है।

भारत के सबसे महंगे आमों की बात करें तो अल्फांसो या हापस आम सबसे महंगे होते हैं। यह आम इतना स्वादिष्ट होता है कि इसे स्वर्गबूटी भी कहा जाता है। यह आम अपनी मिठास और सुगंध के लिए जाना जाता है।

भारत में पाए जाने वाले इस आम को जीआई टैग मिल गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अल्फांसो की भारी मांग है। यूरोप और जापान के अलावा अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी अल्फांसो की मांग बढ़ी है।

जापान में ताइयो नो टैमागो आम की खेती 70 और 80 के दशक में शुरू हुई थी। दुनिया का सबसे महंगा यह आम, लंबे समय तक गर्म मौसम, धूप और बारिश में रहने के बाद पकता है।

यह पोस्ट आपको कैसा लगा ?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0

नई ताक़त न्यूज़

देश का तेजी से बढ़ता विश्वसनीय दैनिक न्यूज़ पोर्टल। http://naitaaqat.in/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button