आराजी 2157 विवाद में अरविंद कुमार जायसवाल का पलटवार—“दस्तावेज सबूत हैं, मुझे बदनाम करने की साजिश बेनकाब”
सिंगरौली/बरगवां
ग्राम गड़ेरिया की आराजी क्रमांक 2157 को लेकर चल रहे विवाद(Controversy) में अब नया मोड़ आ गया है। लगातार लग रहे आरोपों (Allegations) के बीच अरविंद कुमार जायसवाल खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने राजस्व दस्तावेजों के आधार(Basis of Revenue Documents) पर अपने पक्ष को मजबूत बताते हुए विरोधियों पर सीधा हमला बोला है।
“कागज झूठ नहीं बोलते”—अरविंद का दावा
अरविंद कुमार जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि आराजी क्रमांक 2157 की भूमि का विधिवत विक्रय 12 मार्च 2025 को किया गया है, जिसका पूरा रिकॉर्ड राजस्व विभाग में दर्ज (Records Registered in the Revenue Department) है। उन्होंने यह भी बताया कि तहसीलदार न्यायालय बरगवां (Tehsildar Court, Bargawan) द्वारा 05 अगस्त 2025 को दिए गए आदेश के तहत भू-अभिलेख अद्यतन किए जाने की प्रक्रिया भी पूरी तरह वैधानिक है।
उनका कहना है कि जब सारे दस्तावेज स्पष्ट हैं, तो विवाद खड़ा करना सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।
“बदनाम करने की साजिश, सच को दबाने का प्रयास”
अरविंद जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब (Deliberately tarnishing their image) करने और उन्हें अनावश्यक विवादों में घसीटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन पर बनाई गई बाउंड्रीवाल पूरी तरह खरीदी गई भूमि के भीतर है और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि किसी को संदेह है, तो वह सरकारी अभिलेखों का अवलोकन (Inspection of Government Records) कर सकता है, जिससे पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
प्रशासन से निष्पक्षता की उम्मीद
इस पूरे मामले में अरविंद कुमार जायसवाल ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग (Demand for an Impartial Investigation from the Administration) करते हुए कहा कि तथ्यों के आधार पर ही निर्णय (Decision) लिया जाए, न कि अफवाहों के आधार पर।
आराजी 2157 का विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर दस्तावेज बनाम अफवाह की लड़ाई (The Battle of Documents versus Rumors) बन गया है। एक तरफ जहां अरविंद कुमार जायसवाल अपने कागजी सबूतों के दम पर खुद को सही बता रहे हैं, वहीं अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी (All eyes are fixed on the administrative inquiry.) है कि आखिर सच क्या है।







