BHOPAL NEWS: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गैस सिलेंडर की सप्लाई में बड़ी धांधली, 342 सिलेंडर जब्त, 27 में मिली गैस की कमी
BHOPAL NEWS: राजधानी में गैस की कमी से जूझ (Grappling with a gas shortage in the capital) रहे लोगों को राहत मिलने से पहले गैस सिलेंडर से छेड़छाड़ का मामला (Case of Tampering with a Gas Cylinder) सामने आया है। अयोध्या बायपास स्थित सैनी गैस एजेंसी को सप्लाई (Supply to Gas Agency) किए जा रहे सिलेंडरों में गड़बड़ी मिलने पर जिला सप्लाई विभाग (District Supply Department Takes Action Upon Finding Irregularities in Cylinders) ने 342 सिलेंडर जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सिलेंडर सप्लाई करने वाली गाड़ियों (The officials… vehicles supplying cylinders…) के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और GPS लोकेशन मांगी (The officials… vehicles supplying cylinders…) है। सिलेंडरों के वजन से जुड़ी पर्चियों की भी जांच की जा रही है। रिकॉर्ड की जांच कर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज (FIR Registered Against Culprits After Verification of Records) की जा रही है।
दरअसल, 10 अप्रैल को डिपो से सैनी गैस एजेंसी को सप्लाई (Supply to Gas Agency) के दौरान 342 सिलेंडरों में से 27 में 2 से 3 kg गैस कम मिली, जबकि पांच सिलेंडर बिना सील (Unsealed Cylinder) के मिले। इससे पूरा सप्लाई सिस्टम शक (Suspicion regarding the supply system) के दायरे में आ गया है। फूड कंट्रोलर (Food Controller) चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि जिन जगहों पर ट्रक रुकते हैं, वहां GPS डेटा से जानकारी जुटाई (Gathered information) जा रही है। डिपो से वेयरहाउस तक सिर्फ़ 20 km का सफ़र तय करने में 13 घंटे क्यों लगते हैं, इसकी भी जांच चल रही है। ट्रांसपोर्टर से गाड़ियों की डिटेल्स (Vehicle details from the transporter) भी मांगी गई हैं।
इस बीच, गैस एजेंसी के ऑपरेटर (Gas Agency Operator) ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार (Denial of any involvement) किया है। सिलेंडर सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट ग्वालियर (Cylinder Supply Contract – Gwalior) के श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट को दिया (Handed over to transport) गया है। फ़ूड कंट्रोलर के मुताबिक, सैनी गैस एजेंसी के ख़िलाफ़ (Against the Gas Agency) पहले भी सिलेंडर में कम गैस होने का केस दर्ज (Case registered for low gas content in cylinder.) किया गया था और रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी (The report was sent to the Collector.) गई थी। अगर फिर से गड़बड़ी सामने आई, तो तेल कंपनी एजेंसी का लाइसेंस रद्द (Oil Company Agency License Revoked) करने की कार्रवाई कर (Take action) सकती है।







