रेलवे का बड़ा फैसला: इंडियन रेलवे का ‘मिशन 2026’: हर हफ़्ते लागू होगा एक बड़ा रिफॉर्म, AI टेक्नोलॉजी से लेकर ट्रेन प्लेट तक सब कुछ बदलने की तैयारी, सेफ्टी पर खास फोकस
New Delhi | January 9, 2026: इंडियन रेलवे (Indian Railways) ने नए साल में कायाकल्प (Rejuvenation in the New Year) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया (took a big step) है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग (A high-level meeting was chaired by) में साल 2026 को ‘सुधारों का साल’ घोषित (announced) किया गया है। इस प्लान के तहत, साल के 52 हफ़्तों में 52 बड़े बदलावों की शुरुआत (beginning of big changes) की जाएगी। इसमें रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और रवनीत सिंह बिट्टू समेत बोर्ड के टॉप अधिकारी शामिल हुए। इस पहल का मुख्य मकसद रेलवे की फंक्शनैलिटी (Railway functionality) , ट्रांसपेरेंसी और पैसेंजर एक्सपीरियंस को ग्लोबल स्टैंडर्ड (Global standard for passenger experience) के हिसाब से सबसे बेहतर बनाना है।
रेलवे के डेटा (Railway data) के मुताबिक, पिछले एक दशक में ट्रेन एक्सीडेंट (train accident) में 90 परसेंट की भारी कमी आई है। सरकार का लक्ष्य अब प्रेडिक्टिव सेफ्टी (predictive safety) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artifical Intelligence) (AI) के ज़रिए एक्सीडेंट को ज़ीरो पर लाना है। सेफ्टी के साथ-साथ ऑपरेशन में भी डिजिटल ऑपरेशन (Digital operation even in operation) और स्मार्ट मेंटेनेंस को बढ़ावा दिया जाएगा। रेलवे कर्मचारियों (railway employees) के लिए नए ‘टैलेंट मैनेजमेंट’ प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे ताकि मॉडर्न टेक्नोलॉजी (modern technology) को संभालने के लिए एक कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके। टेक्नोलॉजी के इस इस्तेमाल (This use of technology) से न सिर्फ यात्रा सुरक्षित होगी बल्कि ट्रेनें (Travel will be safe, rather trains) समय पर भी चलेंगी।
रेलवे बोर्ड ने साफ (Railway Board made it clear) कर दिया है कि इन सुधारों का सीधा असर आम यात्रियों की सुविधा (Direct impact on the convenience of common passengers) पर पड़ेगा। खास तौर पर, ट्रेनों में केटरिंग (Catering in trains) और ऑनबोर्ड सेवाओं की क्वालिटी और हाइजीन स्टैंडर्ड (hygiene standard) को कड़ा किया जाएगा। हर हफ्ते लागू होने वाला एक नया सुधार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (New Reform Infrastructure Development) और कैपेसिटी बढ़ाने से जुड़ा होगा। रेल मंत्रालय का विजन है कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब सिर्फ यात्रा का साधन न रहे बल्कि बदलाव की एक सुरक्षित (a safe of change) , स्मार्ट और मॉडर्न गति हो। यात्रियों को आने वाली यात्राओं में इन बदलावों (These changes in travel) का असर साफ महसूस होगा।







