BREAKING NEWS: डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम, ‘इस्लामाबाद एग्रीमेंट’ पर रात 12 बजे तक कार्रवाई न होने पर पुल और इससे मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध का खतरा क्यों गहरा गया?

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Tuesday, April 7, 2026 6:43 AM

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BREAKING NEWS: डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को आखिरी अल्टीमेटम, ‘इस्लामाबाद एग्रीमेंट’ पर रात 12 बजे तक कार्रवाई न होने पर पुल और इससे मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध का खतरा क्यों गहरा गया?

BREAKING NEWS:   US-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा भयंकर युद्ध (Fierce Battle) आज 39वें दिन में प्रवेश (Entry) कर गया है। US प्रेसिडेंट (US President) डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के ज़रिए ईरान को कड़ी चेतावनी (Stern warning) देते हुए ‘डेडलाइन’ तय कर दी है। ट्रंप ने साफ़ कर दिया है कि अगर मंगलवार रात (ईस्टर्न टाइम) तक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने और सीज़फ़ायर पर सहमति नहीं (No Agreement on Ceasefire) बनी, तो US ईरान के ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें पावर प्लांट (Infrastructure, including power plants) और बड़े पुल शामिल हैं, को पूरी तरह से तबाह करना शुरू कर देगा। हालांकि, बिचौलियों के दबाव (Pressure from Intermediaries) के बाद बुधवार को भारतीय समय (Wednesday, Indian Time) के अनुसार इस डेडलाइन (According to this deadline) को थोड़ा बढ़ाकर शाम 5:30 बजे कर दिया गया है, लेकिन युद्ध के मैदान में दोनों (Both on the battlefield) तरफ़ से हमले तेज़ हो गए हैं।

 

 

 

 

 

युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की के बिचौलियों ने एक ‘सीज़फ़ायर प्लान’ तैयार (Mediators have drafted a ‘ceasefire plan’.) किया है, जिसे ‘इस्लामाबाद एग्रीमेंट’ (‘Islamabad Agreement’) कहा जा रहा है। इस प्लान में दो स्टेज में शांति बहाली का प्रस्ताव है, जिसकी शुरुआत 45 दिन के संभावित सीज़फ़ायर (Potential Ceasefire) से होगी और आखिर में एक परमानेंट सीज़फ़ायर एग्रीमेंट (Permanent Ceasefire Agreement) होगा। इस डील की सबसे खास शर्त होर्मुज स्ट्रेट को शिपिंग के लिए तुरंत फिर से खोलना है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट (Associated Press Report) के मुताबिक, यह प्रस्ताव ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स (United States) के साथ शेयर किया गया है, लेकिन दोनों पक्षों की कड़ी शर्तों के कारण अगले 48 घंटों में किसी पक्के नतीजे पर पहुंचने की उम्मीद कम (Low hope) है।

 

 

 

 

 

पिछले 24 घंटों में इज़राइल और ईरान के बीच हमलों में मरने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ी (The number of deaths in the slums has risen rapidly.) है, जो अब 3,400 से ज़्यादा हो गई है। इज़राइली रक्षा मंत्री ने दावा (Israeli Defense Minister Claims) किया है कि उन्होंने ईरान की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल फैसिलिटी पर हमला (Attack on a Major Petrochemical Facility) किया है, जिससे प्रोडक्शन 50 परसेंट तक रुक गया है। इस बीच, इज़राइल ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस (Israel [targeted] the Intelligence [wing] of Iran’s Revolutionary Guards.)  चीफ मेजर जनरल  (Chief Major General) माजिद खादेमी को मारने का भी दावा किया है। दूसरी ओर, ईरान और हिज़्बुल्लाह द्वारा हाइफ़ा और इज़राइल के दूसरे शहरों पर किए गए हमलों में भी जान-माल का भारी नुकसान (Heavy loss of life and property in the attacks as well.) हुआ है। लेबनान में भी इज़राइली बमबारी में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं, जिससे पूरे इलाके में मानवीय संकट (Humanitarian crisis in the region) और गहरा गया है।

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