BREAKING NEWS: NATO एक कागज़ का शेर क्यों…ईरान का साथ न देने पर दोस्तों से नाराज़ ट्रंप, किम जोंग-उन अचानक प्यार लुटाने लगे?
BREAKING NEWS: राष्ट्रपति (President) डोनाल्ड ट्रंप ने NATO पर तीखा हमला क्यों किया है, उसे “कागज़ी शेर” कहते हुए, उन्होंने आरोप (Blame) लगाया कि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों (Allies such as South Korea) ने ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका (The United States During the Iran Conflict) का साथ नहीं दिया?
अमेरिकी राष्ट्रपति (us President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (A press conference at the White House) के दौरान नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन (NATO) पर तीखा हमला किया। उन्होंने NATO को “कागज़ी शेर” बताया है। उन्होंने आरोप (Blame) लगाया कि ईरान के साथ संघर्ष (Conflict) के दौरान NATO और दूसरे सहयोगियों ने अमेरिका का साथ नहीं (Allies did not stand with the US.) दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी (This remark by the US President) NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूट के वाशिंगटन (Secretary General Mark Rutte’s Washington Visit) के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले आई है। रूट जल्द ही ट्रंप से मिलने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में ईरान युद्ध (The Iran War at the Meeting) को लेकर कुछ बड़े और अहम फैसले (Key Decisions) हो सकते हैं।
किम जोंग उन के साथ अच्छे रिश्ते
इस दौरान, ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन (Trump [met] North Korean leader Kim Jong Un.) के साथ अपने रिश्तों को “बहुत अच्छा” बताया। उन्होंने कहा, “US सैनिक ऐसे इलाके में तैनात (US troops deployed in such an area) हैं जहां न्यूक्लियर खतरा (Nuclear Threat) है, और ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए थी।”
ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि U.S. और NATO के बीच तनाव तब शुरू (The tension began then.) हुआ था जब उन्होंने ग्रीनलैंड को अपने कंट्रोल में लेने का प्रस्ताव रखा था। उनके मुताबिक, NATO देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन (NATO countries supported this proposal.) नहीं किया, जिसके बाद रिश्तों में दूरियां बढ़ने (Growing distances in relationships) लगीं।







