ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा भीषण युद्ध, मिसाइलों की बारिश से अब तक 600 से ज्यादा स्कूल तबाह, आईआरजीसी का तेल-अवीव पर जोरदार हमले का बड़ा दावा

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Friday, April 3, 2026 8:01 AM

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ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा भीषण युद्ध, मिसाइलों की बारिश से अब तक 600 से ज्यादा स्कूल तबाह, आईआरजीसी का तेल-अवीव पर जोरदार हमले का बड़ा दावा

पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष (Conflict) अब अपने 35वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जहाँ हालात पूरी तरह विस्फोटक (The situation is completely explosive.) और बेकाबू (Out of Control)  हो गए हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (Revolutionary Guards Corps)  (IRGC) ने सनसनीखेज दावा (Sensational Claim) किया है कि उसने इज़राइल के तेल अवीव और इलियट में मिलिट्री बेस (Military Base in Elliot) और इंडस्ट्रियल कंपनियों पर भारी मिसाइल हमले (Heavy Missile Attacks on Industrial Companies) किए हैं। कहा जा रहा है कि इस हमले में इज़राइली सेना को भारी नुकसान (Heavy Losses for the Israeli Army) हुआ है और उसके मॉडर्न इक्विपमेंट नष्ट (Modern Equipment Destroyed)  हो गए हैं। हालाँकि इज़राइल ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन एयर डिफेंस अलर्ट (एयर डिफेंस) जारी कर दिए गए हैं और तेल अवीव और यरुशलम समेत कई इलाकों में एंटी-मिसाइल सिस्टम एक्टिवेट (Anti-missile systems activated in the areas.) कर दिए गए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ईरान के विदेश मंत्रालय ने युद्ध की घोषणा के आंकड़े इंटरनेशनल कम्युनिटी (International Community Statistics) को पेश करते हुए कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों में देश के एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (The country’s educational infrastructure in the attacks) को बुरी तरह नुकसान पहुँचा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब तक 600 से ज़्यादा स्कूल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन पूरी तरह से नष्ट (Educational Institution Completely Destroyed) या डैमेज हो चुके हैं। इन हमलों में न सिर्फ़ इमारतें मलबे में बदल गई हैं, बल्कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स (A large number of students) और टीचर्स के मारे जाने की भी खबर है। ईरान ने आरोप लगाया है कि ये U.S. और इज़राइली हमले बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए गहरा संकट पैदा कर रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने ग्लोबल दखल (Global Intervention) और ठोस कार्रवाई की मांग की है।

 

 

 

 

 

 

 

युद्ध के इस नाजुक मोड़ के बीच, US डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेंस (US Department of Defense) (पेंटागन) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पेंटागन ने कन्फर्म किया है कि U.S. आर्मी के 41वें चीफ ऑफ़ स्टाफ़, जनरल रैंडी जॉर्ज, तुरंत अपने पद से रिटायर हो गए हैं। इस अचानक इस्तीफे (Sudden Resignations) या रिटायरमेंट के पीछे के कारणों का फिलहाल खुलासा (Current Revelation) नहीं हुआ है, जिससे ग्लोबल डिप्लोमैटिक गलियारों में अटकलों का बाज़ार गर्म (Speculation is rife in diplomatic circles.) है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव (Rising Tensions in West Asia) और ईरान-इज़राइल के बीच चल रहे सीधे टकराव (The ongoing direct confrontation between Iran and Israel)  को देखते हुए, U.S. मिलिट्री में लीडरशिप का यह बदलाव स्ट्रेटेजिक नज़रिए से बेहद अहम माना जा रहा है। अब पूरी दुनिया की नज़रें इस बात पर हैं कि यूनाइटेड स्टेट्स की नई लीडरशिप इस संकट (The new leadership of the United States [regarding] this crisis) से कैसे निपटेगी।

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