गुड फ्राइडे 2026: गुड फ्राइडे ईसा मसीह के बलिदान का प्रतीक है, जानें इस दिन से जुड़ा इतिहास

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Friday, April 3, 2026 7:35 AM

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गुड फ्राइडे 2026: गुड फ्राइडे ईसा मसीह के बलिदान का प्रतीक है, जानें इस दिन से जुड़ा इतिहास

Good Friday 2026:   गुड फ्राइडे ईसा मसीह (Jesus Christ) के बलिदान का प्रतीक(Symbol of Sacrifice)  है, ईसाई धर्म के लोगों के बीच गुड फ्राइडे (Good Friday) के दिन का काफी महत्व माना गया है। यह वह दिन है जब ईसा मसीह ने इंसानियत (Jesus Christ [embodied] humanity.) के लिए अपनी जान दे दी थी। आइए हम आपको इस दिन का इतिहास (History) बताते हैं।

 

 

 

 

 

 

जानें इस दिन से जुड़ा इतिहास
गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे खास त्योहारों (Special festivals) में से एक है। यह दिन ईसा मसीह के बलिदान (sacrifice)  की याद दिलाता है। यह वह दिन है जब उन्हें सूली पर चढ़ाया गया (Was crucified) था। आज, 3 अप्रैल को पूरे देश में ईसाई धर्म के लोग यह त्योहार मना रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

ईस्टर से ठीक पहले मनाया जाने वाला गुड फ्राइडे कुछ जगहों पर ब्लैक फ्राइडे (Good Friday is Black Friday in some places.) के नाम से भी मशहूर है। इस दिन दुनिया भर में लोग श्रद्धा और शांति के साथ प्रार्थना (Prayer with Peace)  करते हैं और ईसा मसीह के दुखों को याद करते हैं। इस दिन श्रद्धा के साथ शो मनाया जाता है। लोग व्रत रखते हैं और खास प्रार्थनाएं (Special Prayers) की जाती हैं। आइए जानें कि गुड फ्राइडे हर साल अलग-अलग तारीख को कैसे पड़ता है और इसका यह नाम क्यों पड़ा और इसका इतिहास क्या (What is History?)  है।

 

 

 

 

 

 

 

गुड फ्राइडे क्यों कहते हैं
गुड फ्राइडे सुनने में अच्छा लगता है लेकिन यह खुशी का नहीं बल्कि दुख का दिन है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। उन्होंने इंसानियत के लिए अपनी जान दे दी और आज का दिन हमें उनके प्यार और त्याग की याद दिलाता है। इसीलिए वे कई पवित्र दिन मनाते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

क्या इतिहास है
गुड फ्राइडे (Good Friday) के इतिहास की बात (A Matter of History) करें तो यह ईसा मसीह के जीवन की दर्दनाक घटना से जुड़ा (Linked to a tragic incident) है। कहा जाता है कि जब लोगों के बीच उनके उपदेश और लोकप्रियता (Popularity) बढ़ी, तो कुछ धार्मिक नेताओं को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने ईसा मसीह के बारे में रोमन सरकार पिलातुस से शिकायत की। शिकायत (Complaint) में कहा गया कि वह खुद को भगवान का बेटा बताते हैं और लोगों को एक नए राज्य (New States) के बारे में सिखा रहे हैं। उन पर धर्म का अपमान करने और देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप (Serious charges such as sedition) लगाए गए। यह सब सुनकर रोमन राजा ने उन्हें मौत की सज़ा देने का आदेश दिया। सज़ा देने से पहले उन्हें बहुत बुरी तरह टॉर्चर (Brutal torture) किया गया। उन्हें कांटों का ताज पहनाया गया (He was crowned with thorns.) और कोड़े मारे (Whipped)  गए। फिर उन्हें सूली पर चढ़ा(Crucified)  दिया गया। जिस जगह उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था, उसे गोलगोथा कहा जाता है। यह घटना शुक्रवार को हुई थी, इसलिए इसे यीशु के बलिदान की याद में गुड फ्राइडे के रूप (Good Friday as a commemoration of Jesus’s sacrifice.) में मनाया जाता है।

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