केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला, क्या अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन? रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियमों में दी बड़ी ढील

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Monday, March 30, 2026 8:50 AM

केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला, क्या अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन? रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियमों में दी बड़ी ढील

NEW DELHI NEWS:  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव (Rising Tensions) के कारण घरेलू रसोई गैस (LPG) की सप्लाई में आ रही रुकावटों (Disruptions in supply) को देखते हुए केंद्र सरकार (Central government) ने एक बड़ा सुरक्षात्मक कदम (A Major Protective Measure)  उठाया है। पेट्रोलियम (petroleum) और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नियमों (The Ministry of Natural Gas [has issued] regulations…)  में कुछ समय के लिए ढील दी है और अब चुने हुए पेट्रोल स्टेशनों से भी केरोसीन (Kerosene from Petrol Stations Too) (मिट्टी का तेल) बेचने की अनुमति दे दी है। इस योजना के तहत, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) के पहचाने गए पंपों पर 5,000 लीटर तक केरोसीन स्टोर (Kerosene Store) करके बांटा जा सकता है। यह व्यवस्था अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी, ताकि LNG की दुनिया भर में कमी के दौरान आम नागरिकों को खाना पकाने (For ordinary citizens to cook) के लिए एक मजबूत वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध (Alternative fuels available) हो सके।

 

 

 

 

 

 

 

खास बात यह है कि इस योजना में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य भी शामिल हैं, जिन्हें पहले ‘केरोसीन मुक्त’ घोषित किया गया था। सरकार ने राज्यों के रेगुलर कोटे (The government has the states’ regular quotas.) के अलावा 48,000 किलोलीटर केरोसिन का स्पेशल अलॉटमेंट (Special Allotment of Kerosene)  किया है। नियमों के मुताबिक, हर जिले में ज़्यादा से ज़्यादा दो पेट्रोल स्टेशन इस डिस्ट्रीब्यूशन काम (Distribution Work)  के लिए तय किए जा सकते हैं। मिनिस्ट्री ने साफ किया है कि हालांकि लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी गई है, लेकिन इस दौरान फ्यूल की ब्लैक मार्केटिंग (Fuel Black Marketing) या मिलावट को पूरी तरह रोकने के लिए सेफ्टी स्टैंडर्ड (Safety Standards) और मॉनिटरिंग (Monitoring) में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

सरकार सिर्फ केरोसिन (The government provides only kerosene.) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एनर्जी संकट से निपटने (To tackle the energy crisis) के लिए कोयले और पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) (PNG) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है। कोयला मिनिस्ट्री ने कोल इंडिया को राज्यों (The Ministry of Coal has directed Coal India to the states.) को ज़्यादा कोटा अलॉट करने का निर्देश दिया है, साथ ही राज्य सरकारों से नए PNG कनेक्शन की प्रक्रिया में तेज़ी लाने को कहा है। राशन की दुकानों (PDS) के ज़रिए भी केरोसिन डिस्ट्रीब्यूशन जारी (Kerosene Distribution Continues) रहेगा, जिसमें ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस मल्टी-प्रोंग्ड स्ट्रैटेजी का मकसद इंटरनेशनल उतार-चढ़ाव (International Fluctuations) के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी (India’s Energy Security) बनाए रखना और आम आदमी की रसोई पर बोझ कम करना है।

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