लगातार बदलाव क्यों? मोरवा के बाद जयंत प्रभारी भी बदले, SP का सख्त फैसला
SINGRAULI NEWS: दो दिन पूर्व ही पुलिस मुख्यालय भोपाल से मोरवा निरीक्षक (Inspector from Morwa at Police Headquarters, Bhopal) कपूर त्रिपाठी के स्थानांतरण का आदेश जारी (Transfer Order Issued) हुआ था, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) मनीष खत्री द्वारा देर रात जियावान थाना प्रभारी डॉक्टर ज्ञानेंद्र सिंह को मोरवा थाना का प्रभार सौंपा (Assigned Charge of Morwa Police Station) गया था। वहीं शनिवार रात फिर पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) ने एक और प्रशासनिक फेरबदल (Administrative Reshuffle) कर दिया गया। उन्होंने प्रशासनिक दृष्टिकोण (Administrative Perspective) से नया आदेश जारी करते हुए जयंत चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक (Sub-Inspector In-charge) सुधाकर सिंह परिहार को स्थानांतरित कर थाना बरगवां भेजा (Transferred and sent to Bargawan Police Station.) है। वहीं, उपनिरीक्षक (sub Inspector) अरुण सिंह को जिला विशेष शाखा से हटाकर चौकी प्रभारी जयंत की जिम्मेदारी सौंपी (The responsibility of the outpost was entrusted to Jayant.) गई है।
लगातार हो रहे इन प्रशासनिक बदलावों से पुलिस महकमे में हलचल (Administrative Changes Spark Stir in Police Department) बनी हुई है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी इन फेरबदल (These reshuffles are taking place at the local level as well.) को लेकर चर्चाएं जारी हैं। वही इस बात की चर्चा है कि पिछले सप्ताह जिले के प्रभारी के दो दिनों से आगमन (arrival) हुआ था जहां उन्होंने जयंत चौकी प्रभारी को बदलने (To replace the Jayant Outpost In-charge) के लिए दबाव बनाया था हालांकि चौकी प्रभारी को हटाने (To remove the outpost in-charge) एवं अरुण सिंह को प्रभार देने के लिए पिछले 4 महीने से कवायद जारी था चर्चा यहां तक की जा रहे हैं कि प्रभारी मंत्री अपने पुत्र के दबाव में आकर फेर बदल (Reshuffle under pressure from son) कर आया है यहां बताते हैं कि प्रभारी मंत्री संपत्तिईया उईके (Minister-in-Charge: Sampatiya Uike) को जब से जिले का प्रभार मिला है। उनके कार्यकाल में पुलिस अधिकारियों के तबादले (Transfers of Police Officers During Tenure) सबसे ज्यादा हुए हैं और वह इन्हीं बातों को लेकर चर्चाओं में बनी (Remained in the headlines) रहती हैं। जिससे प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव के सरकार की भी किरकिरी (Remained in the headlines) हो रही है प्रमुख विपक्षी दल पुलिस ट्रांसफर को उद्योग कारोबार (Major Opposition Party Calls Police Transfers an ‘Industry’) बता रहे हैं। विपक्षी दलों की आरोप (Amidst allegations by opposition parties) में कितनी सच्चाई है इसे तो प्रभारी मंत्री ही बता पाएंगी।







