Share Market: डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर मिलिट्री हमले की धमकी से घरेलू शेयर मार्केट में घबराहट, खुलते ही सेंसेक्स 700 पॉइंट टूटा, निफ्टी भी गिरा, कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर
Share Market: अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को कड़ा अल्टीमेटम (Stern Ultimatum) देने के बाद आज भारतीय शेयर मार्केट (Indian Stock Market) में भारी गिरावट (Sharp decline) आई। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange in early trade) (BSE) का सेंसेक्स करीब 702 पॉइंट गिरकर 73,405 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी 201 पॉइंट टूटकर 22,767 पर ट्रेड कर रहा था। ग्लोबल तनाव (Global Tension) और युद्ध की आशंकाओं से इन्वेस्टर्स में घबराहट (Investors Panicked by Fears of War) है, जिसके चलते लगभग सभी बड़े सेक्टर्स में भारी बिकवाली (Heavy Sell-off in Major Sectors) हुई। मार्केट एक्सपर्ट्स (Market Experts) का मानना है कि ट्रंप की चेतावनी से जियोपॉलिटिकल अस्थिरता (Geopolitical Instability Due to Trump’s Warning) बढ़ी है, जिसका सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर दिख (The impact is visible on Dalal Street.) रहा है।
गिरावट का मुख्य कारण ट्रंप का वह बयान (The main reason was that statement by Trump.) है जिसमें उन्होंने ईरान को जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अल्टीमेटम (Ultimatum to Open the Strait of Hormuz) दिया था। उन्होंने साफ किया कि अगर तय समय में ऐसा नहीं हुआ तो ईरान पर बड़ा मिलिट्री हमला किया (Launched a major military attack.) जा सकता है। बयान आते ही इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग (Crude oil prices have skyrocketed in the international market.) गई है। US क्रूड ऑयल (WTI) $115 प्रति बैरल के पार चला गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड भी $111 के आस-पास बना हुआ है। ईरान ने भी जवाबी हमले में खाड़ी क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (Energy Infrastructure in the Gulf Region in a Retaliatory Attack) को निशाना बनाने की धमकी (Threat to make someone a target) दी है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन ठप होने का खतरा (Threat of Global Supply Chain Disruption) है।
इस तनावपूर्ण स्थिति ने दुनिया भर के मार्केट में महंगाई (This tense situation has caused inflation in markets across the globe.) और आर्थिक मंदी को लेकर चिंता बढ़ा (Concerns over economic recession have increased.) दी है। तेल की बढ़ती कीमतों का असर एशियाई मार्केट (Asian Markets) —टोक्यो, सिंगापुर और जकार्ता—पर भी साफ दिखा, जो हर तरफ लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल-ईस्ट में स्थिति साफ होने तक मार्केट (The Market Until the Situation in the Middle East Clears Up) में इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी (Fluctuations Continue) रह सकता है। इन्वेस्टर्स को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल सतर्क रहें और सिर्फ मजबूत फंडामेंटल्स वाले स्टॉक्स पर ही फोकस (Focus exclusively on stocks with strong fundamentals.) करें। पूरी दुनिया की नजरें अब ट्रंप की दी गई डेडलाइन (Deadline) और ईरान के अगले कदमों पर टिकी हैं।







