SINGRAULI NEWS: MRP से ऊपर ‘मदिरा मुनाफा’! देवसर की समदा दुकान पर खुली लूट के आरोप
₹120 की बियर ₹150 में, देसी शराब भी महंगी; रेट लिस्ट गायब, बिल नहीं—आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल?
SINGRAULI NEWS: देवसर क्षेत्र (Devsar Region) की समदा शराब दुकान (Samda Liquor Shop) पर नए ठेके के बाद से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने (Serious Allegations of Illegal Extortion Surface) आए हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं (Local consumers) का कहना है कि बियर और देसी शराब पर प्रिंट रेट (Printed Price on Country Liquor) (MRP) से ₹20–₹30 तक अधिक वसूली की जा रही है, जबकि नियमों के अनुसार (according to the rules) MRP से ऊपर बिक्री प्रतिबंधित है।
ग्राहकों के मुताबिक ₹120 की बियर ₹150 में और ₹70 का देसी पैवा ₹100 तक में बेचा जा रहा है। विरोध करने पर अभद्र व्यवहार की शिकायतें (Complaints of abusive behavior upon objection) भी मिली हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने अधिक वसूली (Consumers Overcharged) के UPI भुगतान के स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित (UPI Payment Screenshots Are Also Secure) रखे हैं, जिन्हें वे प्रमाण के रूप में प्रस्तुत (They were presented as evidence.) करने की बात कह रहे हैं।

आबकारी नियमों के तहत दुकान पर रेट लिस्ट प्रदर्शित (Rate list displayed at the shop in accordance with excise rules.) करना और बिल देना अनिवार्य है, लेकिन यहां दोनों ही गायब बताए जा (Both of them are reported to be missing here.) रहे हैं। पारदर्शिता के अभाव में ग्राहकों से मनमानी वसूली किए जाने (Arbitrary overcharging of customers amidst shortages) के आरोप लग रहे हैं।
जब उपभोक्ताओं ने बढ़ी कीमतों पर सवाल उठाए (Consumers raised questions about the increased prices.) , तो कर्मचारियों ने “ऊपर से आदेश” होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ (To shirk responsibility) लिया। सूत्रों का दावा है कि पुराने स्टॉक (old stock) को भी नई दरों पर बेचा जा रहा है।
दुकान परिसर के आसपास गंदगी की स्थिति भी खराब (The sanitary conditions in the vicinity of the shop premises are also poor.) बताई जा रही है। स्वच्छता मानकों (Hygiene Standards) की अनदेखी से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय नागरिकों ने आबकारी विभाग (Local citizens [approached] the Excise Department.) से तत्काल कार्रवाई, रेट लिस्ट प्रदर्शित कराने, बिलिंग अनिवार्य करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने (To take strict action against the culprits) की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन (Under the Watch of the District Administration) पर हैं कि इस मामले में कब और क्या कार्रवाई होती है।







