SINGRAULI NEWS:   ट्रांसपोर्ट नगर की 87 दुकानों पर ताला: 8.30 करोड़ की परियोजना ठप, ‘कबाड़खाना’ बनने का खतरा,

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Sunday, April 5, 2026 9:22 AM

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SINGRAULI NEWS:   ट्रांसपोर्ट नगर की 87 दुकानों पर ताला: 8.30 करोड़ की परियोजना ठप, ‘कबाड़खाना’ बनने का खतरा,

4 करोड़ के जर्जर प्लाजा से नहीं लिया सबक, लापरवाही से बढ़ रहा नुकसान; पार्षद ने दी आंदोलन की चेतावनी

नई ताकत न्यूज़ नेटवर्क सिंगरौली
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SINGRAULI NEWS:  सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र (Singrauli Municipal Corporation Area) के वार्ड क्रमांक 45 स्थित नौगढ़ ट्रांसपोर्ट नगर में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित (Constructed in Transport Nagar at a cost of crores of rupees.)  87 दुकानों का संचालन (Shop Operations) आज तक शुरू नहीं हो सका है। लगभग 8.30 करोड़ रुपए से तैयार यह परियोजना लंबे समय से बंद पड़ी (This completed project has been stalled for a long time.) है, जिससे न केवल नगर निगम की आय ठप (Municipal Corporation’s Revenue Stalled)  है बल्कि इसके भविष्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े (Serious questions have also been raised regarding the future.) हो गए हैं।

 

 

 

शहर में पहले से ही एक 4 करोड़ रुपए की लागत से बना शॉपिंग प्लाजा लापरवाही का शिकार (Shopping Plaza Falls Victim to Negligence) हो चुका है। करीब दो साल पहले उसे जर्जर बताकर खाली कराया (Evacuated on the grounds that it was dilapidated.) गया, लेकिन उसके बाद न सुरक्षा के इंतजाम (Security Arrangements) किए गए और न ही मरम्मत कराई (Nor did they have it repaired.) गई। नतीजतन, वह भवन चोरों और कबाड़ियों का अड्डा (Scrap Dealers’ Hub) बन गया और वहां से पिलरों की सरिया तक उखाड़ (Even the steel reinforcement bars of the pillars were ripped out.) ली गई। अब ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को लेकर भी वैसी ही आशंका जताई (Similar apprehensions were expressed regarding the shops in Transport Nagar as well.) जा रही है।

 

स्थानीय लोगों (Local people) का कहना है कि यदि समय रहते दुकानों का संचालन शुरू नहीं (Shops Have Not Yet Resumed Operations) किया गया, तो यहां भी चोरी और क्षति की घटनाएं बढ़ (Incidents of damage are on the rise.) सकती हैं। गनियारी प्लाजा (Ganiyari Plaza) और नवानगर क्षेत्र के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उदाहरण (An example of a shopping complex in the Navanagar area.) सामने है, जहां लापरवाही के चलते संपत्तियां खराब हो चुकी (Assets have been ruined due to negligence.)  हैं।

 

 

वार्ड पार्षद रामगोपाल पाल ने इस मुद्दे को नगर निगम परिषद की बैठक(Municipal Corporation Council Meeting)  में उठाया, लेकिन अधिकारियों (Officials) की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया (Did not take concrete steps.)  गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दुकानों की नीलामी (Auction of Shops) और संचालन शुरू नहीं (Operations have not started.) किया गया, तो 16 तारीख को उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

 

 

 

पार्षद का कहना है कि यदि इन दुकानों की नीलामी कर दी (The shops were auctioned off.)  जाए, तो नगर निगम को करोड़ों रुपए का सीधा लाभ (Direct Benefit of Crores of Rupees to the Municipal Corporation) मिल सकता है। साथ ही हर महीने किराया और सालाना राजस्व के रूप में नियमित आय भी सुनिश्चित (Regular income in the form of annual revenue is also ensured.) होगी, जिससे नगर विकास के अन्य कार्यों को गति मिल (Other urban development works have gained momentum.) सकती है।

 

 

यह परियोजना मध्य प्रदेश सरकार की स्मार्ट सिटी योजना (This project is part of the Government of Madhya Pradesh’s Smart City Scheme.) के तहत बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना (Objective: To promote trade) और नगर निगम की आय बढ़ाना था। लेकिन वर्तमान स्थिति यह दर्शाती (The current situation indicates) है कि योजना अपने उद्देश्य से भटक गई है और अधिकारियों की अनदेखी के कारण ठंडे बस्ते (Gathering dust due to official neglect) में पड़ी हुई है।

 

 

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते कोई ठोस निर्णय लेकर इस परियोजना (Will the administration take a concrete decision in a timely manner regarding this project?) को बचाएगा, या फिर यह भी शहर की अन्य योजनाओं (की तरह धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो जाएगी।

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