सतना जिले में ठेके बंद, फिर भी शहर में धड़ल्ले से हो रही अवैध शराब की बिक्री, जिम्मेदार खामोश, आबकारी विभाग के कार्यप्रणाली पर उठे सवाल?
SATNA NEWS: शहर में शराब की दुकानों (Liquor shops in the city) के ठेके भले ही कैंसिल (Even if the contracts are cancelled…) कर दिए गए हों, लेकिन अवैध शराब का धंधा खुलेआम जारी (The illegal liquor trade continues openly.) है। पूरा खेल प्रशासन (Sports Administration) की नाक के नीचे चल रहा है, जो कई सवाल खड़े करता (Raises several questions) है। सतना शहर का ठेका साल 2026-2027 के लिए 4 ग्रुप में कैंसिल (Cancel) किया गया है। जानकारी के मुताबिक, ठेकेदारों द्वारा बैंक गारंटी जमा न (Non-submission of Bank Guarantees by Contractors)करने के कारण अभी तक नए लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। आबकारी विभाग(Excise Department) ने भी शराब का उठाव बंद कर (Stop lifting the liquor stock.) दिया है।
इसके बावजूद, शहर की कई शराब दुकानों पर खुलेआम बाहर से शराब बेची (Liquor was openly sold from outside at liquor shops.) जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कलेक्टर, एसपी और डीओ जैसे अधिकारियों के नाम पर हो रहा (It is being done in the name of officials.) है। सूत्रों के मुताबिक, आबकारी विभाग के अधिकारी खुद कई दुकानों पर मौजूद देखे (Officials from the Excise Department were themselves spotted present at several shops.) गए हैं, जिससे पता चलता है कि उन्हें इस अवैध धंधे की पूरी जानकारी है। इसके बावजूद, आबकारी विभाग द्वारा मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (Madhya Pradesh Excise Act by the Excise Department) की धारा 34(2) के तहत कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।







