ट्रंप का बड़ा दावा—ईरान ने की युद्धविराम की गुजारिश, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के 33वें दिन राष्ट्रपति ने दी ऊर्जा संसाधनों को पूरी तरह तबाह करने की अंतिम चेतावनी
US-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे भयंकर युद्ध (Fierce Battle) के 33वें दिन, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज दावा (Sensational Claim) किया है। ट्रंप के मुताबिक, तेहरान ने पर्दे के पीछे सीज़फ़ायर (Ceasefire Behind the Scenes) के लिए कॉन्टैक्ट (Contact) बनाए हैं। प्रेसिडेंट (President) ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए इशारा (Signal) किया कि ईरान की नई ताकत के कुछ लीडर (Some Leaders of the New Force) ‘समझदार’ हैं और बातचीत की तरफ़ प्रोग्रेस (Progress) हो रही है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ़ किया कि अगर जल्द ही कोई ठोस एग्रीमेंट नहीं (No concrete agreement) हुआ और होर्मुज़ स्ट्रेट को तुरंत नहीं खोला गया, तो US अपने हमलों का दायरा (The Scope of Attacks) बढ़ा देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले फ़ेज़ में, खार्ग आइलैंड पर ईरान के पावर प्लांट (Iran’s Power Plants on Kharg Island) , तेल के कुएं और पीने के पानी के ट्रीटमेंट (डीसैलिनेशन) प्लांट पूरी तरह खत्म (End) कर दिए जाएंगे।
ज़मीन पर असलियत अभी भी बहुत टेंशन (A lot of stress) वाली बनी हुई है। मंगलवार को इज़राइल के मेन न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर (Nuclear Research Center) के पास मिसाइल सायरन बजने लगे, वहीं यमन के हूती बागियों ने भी मिसाइल हमलों (Missile attacks) के साथ इस जंग में सीधे तौर पर शामिल (Directly involved in the war) होना शुरू कर दिया है। US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ (US Defense Secretary Pete Hegseth) ने आने वाले दिनों को ‘निर्णायक’ बताते हुए कहा कि मिलिट्री किसी (The military of any…) भी बड़े हमले के लिए तैयार है। दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी (Threat) देते हुए कहा है कि अगर US सैनिकों ने उसकी ज़मीन पर कदम (Footsteps on the Ground) रखा, तो वह खाड़ी के अरब देशों पर ज़मीनी हमला करेगा और फारस की खाड़ी में माइंस (Mines in the Persian Gulf) बिछाएगा। इस बीच, ईरान ने अपने टॉप मिलिट्री ऑफिसर (Top Military Officer) जमशेद एशागी की मौत की भी पुष्टि (Death of Eshaghi also confirmed.) की है।
जंग लगने से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मच (The global oil market is in turmoil.) गई है और कीमतें रिकॉर्ड लेवल (Prices at Record Levels) पर पहुंच गई हैं। ट्रंप ने उन साथियों पर निशाना साधा (Trump took aim at those allies.) है जिन्होंने इस जंग में अमेरिका का साथ नहीं (No Support for America in the War) दिया। उन्होंने खास तौर पर फ्रांस का ज़िक्र (A specific mention of France) करते हुए कहा कि इस मुश्किल की घड़ी में उसकी ‘बेरुखी’ को याद रखा जाएगा। ट्रंप ने साफ (Trump made it clear.) कहा कि जो देश मदद नहीं कर रहे हैं, वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या होर्मुज (Buy oil from the US or from Hormuz?) जाकर खुद तेल निकालने की हिम्मत जुटाएं (Gather the courage to extract the oil yourself.) । लेबनान से कुवैत तक फैली इस आग ने अब तक हज़ारों लोगों को बेघर कर दिया (Thousands of people were left homeless.) है और दर्जनों सैनिकों को मार (Killing dozens of soldiers) डाला है, जिससे दुनिया भर में तीसरे विश्व युद्ध का डर गहरा (Fear of a Third World War deepens across the globe.) गया है।







