सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, बाजार खुलते ही चांदी ₹9000 और सोना ₹2400 पर सस्ता हुआ, निवेशक घबराए, कीमतें चार महीने के निचले स्तर पर पहुंचीं

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Tuesday, March 24, 2026 8:46 AM

सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, बाजार खुलते ही चांदी ₹9000 और सोना ₹2400 पर सस्ता हुआ, निवेशक घबराए, कीमतें चार महीने के निचले स्तर पर पहुंचीं

GOLD AND SILVER PRICE:   पश्चिम एशिया (west asia) में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव (Geopolitical tensions) के बीच मंगलवार को भारतीय सर्राफा (indian bullion)  बाजार में सोने और चांदी की कीमतों (silver prices) में भारी गिरावट (huge decline) आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज  (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर चांदी 9,050 रुपये टूटकर 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस बीच, सोने की कीमतें भी 2,360 रुपये की भारी गिरावट (huge decline) के साथ 1,37,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब आ गईं। बाजार के जानकारों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव (international pressure) और निवेशकों की मुनाफाखोरी (investors’ profiteering) के कारण दोनों कीमती धातुओं की कीमतों (prices of precious metals) में इस महीने सबसे बड़ी गिरावट आई है, जिससे खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।

 

 

 

 

 

 

 

 

सोने और चांदी पर दबाव ग्लोबल मार्केट (Pressure on silver in global market) (Comex) में भी साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना (international gold)  $4,361.20 और चांदी $68.30 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। मिडिल ईस्ट (middle east) में चल रहे संघर्ष के चौथे हफ़्ते में पहुँचने के साथ ही एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट (safe investment) के तौर पर सोने की चमक फीकी पड़ गई है। असल में, कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल को पार करने से ग्लोबल महंगाई (global inflation) बढ़ने का डर है, जिससे सेंट्रल बैंक इंटरेस्ट रेट (Central Bank Interest Rate)  ज़्यादा रख सकते हैं। क्योंकि सोने पर कोई रेगुलर इंटरेस्ट (regular interest) नहीं मिलता, इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टर (global investor) अभी डॉलर और दूसरे फाइनेंशियल ऑप्शन को प्राथमिकता (Priority to financial option) दे रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें (gold prices)  जनवरी के रिकॉर्ड लेवल (record level) से अब तक 22% नीचे आ गई हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सोने को आम तौर पर महंगाई (Dearness) से बचाव का ज़रिया माना जाता है, लेकिन इंटरेस्ट रेट (interest rate) बढ़ने की मौजूदा उम्मीद इसके लिए नेगेटिव साबित (proved negative) हो रही है। एनर्जी की ऊँची कीमतों ने बाज़ार (High energy prices have impacted the market) में यह डर पैदा कर दिया है कि महंगाई को कंट्रोल (control inflation) करने के लिए रेट लंबे समय तक कम नहीं होंगे। यह अनिश्चितता घरेलू (uncertainty domestic)  और इंटरनेशनल दोनों बाज़ारों में कीमती धातुओं (precious metals in both international markets) पर और दबाव डाल सकती है। मार्केट एनालिस्ट का अंदाज़ा (Market analyst forecast)  है कि अगर ग्लोबल तनाव में सुधार (improvement in global tension) नहीं होता है और डॉलर इंडेक्स मज़बूत (dollar index strong)  बना रहता है, तो आने वाले दिनों में सोने (gold) और चांदी की कीमतों (silver prices)  में कुछ और सुधार या गिरावट (improvement or decline) देखने को मिल सकती है।

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