Petrol and Diesel Prices:  15 मई से बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीज़ल के दाम! कच्चे तेल की आग से आम आदमी पर महंगाई का खतरा?

Follow Us

By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Saturday, May 9, 2026 9:01 AM

Advertisement

Petrol and Diesel Prices:  15 मई से बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीज़ल के दाम! कच्चे तेल की आग से आम आदमी पर महंगाई का खतरा?

Petrol and Diesel Prices:  क्रूड ऑयल की कीमतें (Crude Oil Prices) अब तक के सबसे ऊंचे लेवल (The highest level) पर पहुंचने के बाद, सरकार (Government) और तेल कंपनियों पर पेट्रोल (Petrol: On Oil Companies) पर 24 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल (Diesel) पर करीब 30 रुपये प्रति लीटर तक का एक्स्ट्रा बोझ पड़ (To become an extra burden) रहा था।

 

 

 

 

 

 

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तेल कंपनियों को हर (Oil companies, every…) महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ (facing recovery) रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत (Crude Oil Prices in the International Market) $70 से बढ़कर $126 प्रति बैरल हो गई है। हालांकि, इस उछाल के बावजूद भारत में अभी तक पेट्रोल (Despite this, petrol is still in India)  और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं (No change in diesel prices.) हुआ है। 15 मई से पहले पेट्रोल (petrol) और डीज़ल महंगा (Diesel is expensive.)  हो जाएगा
खबर है कि सरकार (Government) और तेल कंपनियां फ्यूल की कीमतें स्थिर रखने (Oil companies to keep fuel prices stable) और आम आदमी पर महंगाई का असर न पड़े (Inflation should not affect the common man.) , इसके लिए पेट्रोल पर 24 रुपये प्रति लीटर तक का एक्स्ट्रा बोझ डाल रही हैं। हालांकि, कच्चे तेल की तेज़ी से बढ़ती कीमतों के बीच अब पेट्रोल (Petrol now costs Rs 1.50 a litre amid rising crude oil prices) और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार किया (Considered a hike in diesel prices.) जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, 15 मई से पहले कीमतों में बदलाव हो सकता (Prices are subject to change.) है।

 

 

 

 

 

40 से 50% महंगा फ्यूल
होर्मुज स्ट्रेट में संकट (Crisis in the Strait of Hormuz) ने ग्लोबल कच्चे तेल के मार्केट को भारी नुकसान (Global Crude Oil Market Suffers Heavy Losses) पहुंचाया है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices in the International Market) $126 प्रति बैरल तक बढ़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं। हालांकि, यह राहत शायद ज़्यादा दिन न रहे। बिजनेस टुडे की रिपोर्ट (Business Today Report) के मुताबिक, 15 मई से पहले आम लोगों को पेट्रोल और डीज़ल के लिए ज़्यादा पैसे खर्च (Higher spending on diesel) करने पड़ सकते हैं। भारत को छोड़कर सभी एशियाई देशों में फ्यूल (Fuel in all Asian countries except India) 40-50% महंगा हो गया है।

 

 

 

हर महीने 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान
इंडस्ट्री के अनुमान (Industry Estimates) के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंचने के बाद, सरकार (Government  और तेल कंपनियां मिलकर पेट्रोल (Oil companies, acting jointly, [supply] petrol.)  पर करीब 24 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल पर करीब 30 रुपये प्रति लीटर का एक्स्ट्रा बोझ खुद उठा रही थीं। एक्साइज ड्यूटी में कमी (Reduction in Duty) के बाद भी, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum)  जैसी कंपनियों को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

 

#

Related News

May 13, 2026

May 13, 2026

May 13, 2026

May 13, 2026

May 13, 2026

May 13, 2026

Leave a Comment