पाकिस्तान में फ्यूल संकट गहराया, शहबाज सरकार ने हाई-ऑक्टेन तेल की कीमतें 200% बढ़ाईं, हवाई यात्रा और इंटरनेशनल फ्लाइट्स महंगी हुईं

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Tuesday, March 24, 2026 9:09 AM

पाकिस्तान में फ्यूल संकट गहराया, शहबाज सरकार ने हाई-ऑक्टेन तेल की कीमतें 200% बढ़ाईं, हवाई यात्रा और इंटरनेशनल फ्लाइट्स महंगी हुईं

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध (The ongoing war in the Middle East) और होर्मुज स्ट्रेट में पैदा (Born in the Strait of Hormuz)  हुई रुकावट के बीच पाकिस्तान की इकॉनमी गहरे संकट में फंस (Pakistan’s economy is in deep trouble) गई है। प्रधानमंत्री (Prime Minister) शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग (A high-level meeting was chaired by) के बाद सरकार ने हाई-ऑक्टेन फ्यूल की कीमतों (The government has reduced the prices of high-octane fuel.) में 200 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी को मंजूरी (Huge increase approved) दे दी है। इस फैसले के बाद, हाई-ऑक्टेन तेल की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 300 रुपये प्रति लीटर हो गई है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से लग्जरी गाड़ियों (luxury cars)  में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल पर लागू होगी और इसका नॉर्मल पब्लिक ट्रांसपोर्ट (Normal public transport) के किराए पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मार्केट में महंगाई (market inflation)  का दबाव बढ़ने का डर गहरा गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ग्लोबल तेल की कीमतों (global oil prices) में उछाल का सबसे बड़ा असर पाकिस्तान के एविएशन सेक्टर (Pakistan’s aviation sector) पर पड़ा है। जेट फ्यूल (फ्यूल) की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद घरेलू और इंटरनेशनल हवाई किराए आसमान (international air fares sky) छूने लगे हैं। एयरलाइन (airline)  सूत्रों के मुताबिक, घरेलू टिकटों की कीमतें PKR 2,800 से PKR 5,000 तक बढ़ गई हैं, जो कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसी मुख्य फ्लाइट्स (main flights) पर लागू होंगी। इंटरनेशनल यात्रियों (International travelers) पर सबसे ज़्यादा असर पड़ा है, खाड़ी और मध्य एशियाई देशों (Central Asian countries) के किराए में Rs 10,000 से Rs 28,000 तक की भारी बढ़ोतरी हुई है। इस आर्थिक बोझ ने आम जनता और प्रवासियों के ट्रैवल प्लान पर बुरा (Bad on travel plans of migrants) असर डाला है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पेट्रोलियम मंत्री (Petroleum Minister) अली परवेज़ मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (a press conference) में कहा कि US-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन (The conflict has impacted the global energy supply chain.) को बाधित कर दिया है। इससे पहले, 6 मार्च को भी सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों (diesel prices) में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी, जिससे पेट्रोल 321 रुपये और डीज़ल 335 रुपये हो गया था। फाइनेंस मिनिस्टर (finance minister) मुहम्मद औरंगजेब के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कमी (Shortage of crude oil in the international market) और घरेलू करेंसी (domestic currency) की गिरावट ने सरकार को ये कड़े फैसले लेने पर मजबूर किया है। पाकिस्तान इस समय अपनी एनर्जी सिक्योरिटी (energy security)  और घटते फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व (Declining foreign exchange reserves) के बीच बैलेंस बनाने के लिए जूझ रहा है, जबकि जनता इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) की बढ़ती लागत से जूझ रही है।

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