विशाल अपोलो ओशन कार्गो शिप 16,000 टन LPG लेकर मंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा, वेस्ट एशिया युद्ध के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बड़ी राहत

Follow Us

By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Friday, March 27, 2026 10:51 AM

विशाल अपोलो ओशन कार्गो शिप 16,000 टन LPG लेकर मंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा, वेस्ट एशिया युद्ध के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बड़ी राहत

वेस्ट एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे भयंकर युद्ध (Fierce Battle) और तनावपूर्ण ग्लोबल हालात (Tense Global Situation) के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी (India’s Energy Security) को लेकर एक अच्छी खबर है। कर्नाटक के न्यू मंगलुरु पोर्ट (NMP) पर क्रूड ऑयल और LPG ले जाने वाले जहाजों (Ships) का आना लगातार जारी है। इसी सिलसिले में, ‘अपोलो ओशन’ नाम का एक विशाल LPG कार्गो शिप (A massive LPG cargo ship) गुरुवार शाम करीब 4 बजे मंगलुरु पोर्ट पर सुरक्षित रूप से डॉक (A massive LPG cargo ship) हो गया है। यह जहाज सबसे पहले गुजरात के पोर्ट पर रुका, जहां आधा कंसाइनमेंट उतारने के बाद यह बचा हुआ स्टॉक लेकर कर्नाटक पहुंच गया है। इस सफल मूवमेंट  (Successful Movement) ने युद्ध के कारण सप्लाई रुकने की आशंकाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पोर्ट अधिकारियों (Port officials) से मिली जानकारी के अनुसार, ‘अपोलो ओशन’ जहाज पर कुल 16,000 मीट्रिक टन LPG लोड है, जिसे अलग-अलग स्टेज में उतारा गया है। अनुमान है कि सारी गैस को डिपो तक सुरक्षित पहुंचाने में करीब दो दिन लगेंगे। पोर्ट पर इस लगातार एक्टिविटी से लोकल इंडस्ट्री (Local Industry through Activities) और घरेलू कंज्यूमर (Domestic Consumer) को बड़ी राहत मिली है। राहत की बात यह भी है कि आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल से भरे दो और बड़े जहाज मंगलुरु पहुंचने वाले हैं, जिससे देश में फ्यूल का काफी बफर स्टॉक हो जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अभी, ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते मिलिट्री टकराव ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज स्ट्रेट) के समुद्री रास्ते पर संकट के बादल छा दिए हैं। दुनिया के कुल क्रूड ऑयल (Total Global Crude Oil) और LPG ट्रेड का करीब पांचवां हिस्सा इसी पतले रास्ते से होकर गुजरता है, जिस पर ईरान की ज्योग्राफिकल स्थिति स्ट्रेटेजिक कंट्रोल (Geographical Position and Strategic Control)  रखती है। युद्ध की स्थिति में इस रास्ते के रुकने का सीधा असर ग्लोबल कीमतों पर पड़ता है। हालांकि, भारतीय पोर्ट पर जहाजों (Ships at Indian Ports) का समय पर पहुंचना दिखाता है कि भारत सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां दूसरे सेफगार्ड (Petroleum Companies: Other Safeguards) और डिप्लोमैटिक तरीकों से सप्लाई चेन (Supply Chains through Diplomatic Channels) बनाए रखने में सफल रही हैं।

#

Related News

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

March 27, 2026

Leave a Comment