BREAKING NEWS: एक महीने से जारी ईरान-इजराइल युद्ध ने दुनिया हिलायी, हजारों की मौत और खरबों के आर्थिक नुकसान से गहराया वैश्विक ऊर्जा संकट, 32 लाख लोग हुए बेघर
BREAKING NEWS: ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों को एक महीना (One Month Since the Attacks) हो गया है, जिसने मिडिल ईस्ट को एक भयानक मानवीय (The Middle East faces a dire humanitarian…) त्रासदी में धकेल दिया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार (According to data from the Ministry of Health), अब तक 1,500 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और लगभग 24,800 घायल हुए हैं। खासकर, मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर मिसाइल हमले (Missile attack on a girls’ school) में 168 बच्चों की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर (Shook the entire world) कर रख दिया है। यूनाइटेड नेशंस रिफ्यूजी एजेंसी (United Nations Refugee Agency) (UNHCR) की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध के कारण ईरान में 3.2 मिलियन (3.2 मिलियन) लोग बेघर हो गए हैं। इस बीच, इज़राइल, अमेरिका और लेबनान में भी सैकड़ों लोग मारे (Hundreds of people were killed.) गए हैं और हज़ारों घायल हुए हैं।
इस युद्ध की आर्थिक कीमत भी बहुत (The economic cost of war is also very high.) ज़्यादा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, U.S. टैक्सपेयर्स ने अब तक मिलिट्री खर्च (Taxpayers have, so far, funded military spending…) के तौर पर $25 बिलियन से $30 बिलियन का बोझ उठाया है। इस युद्ध ने मिडिल ईस्ट के टूरिज्म सेक्टर (The war has impacted the Middle East’s tourism sector.) को भारी झटका दिया है, जहाँ अकेले पहले 20 दिनों में ही $12 बिलियन से ज़्यादा का रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। दुबई जैसे बड़े हब में 80,000 से ज़्यादा होटल रिज़र्वेशन कैंसिल (Hotel Reservation Cancellation) हो गए और हज़ारों फ़्लाइट्स (Thousands of flights) में रुकावट आई है। अगर यह लड़ाई लंबी खिंचती है, तो इंटरनेशनल विज़िटर्स की संख्या में भारी गिरावट (Massive Decline in the Number of International Visitors) आ सकती है, जिससे $56 बिलियन तक के रेवेन्यू का अंदाज़ा (Revenue Projection Up to a Billion) है।
ईरान युद्ध ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तबाही मचा (The war wreaked havoc on the global energy market.) दी है। खाड़ी देशों की रिफाइनिंग कैपेसिटी 30 से 40 परसेंट तक गिर गई है, जिससे ग्लोबल ऑयल मार्केट में रोज़ाना (Daily in the global oil market) 11 मिलियन बैरल की भारी कमी हो गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा (It had a direct impact on prices.) है और ब्रेंट क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल को पार कर गया है, जो युद्ध से पहले लगभग $65 था। साथ ही, युद्ध की वजह से हुए धमाकों (Explosions caused by the war) और आगजनी से पर्यावरण को भी ऐसा नुकसान (Arson Inflicts Such Damage on the Environment as Well) हुआ है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। अकेले पहले दो हफ़्तों में ही 5 मिलियन टन से ज़्यादा कार्बन डाइऑक्साइड निकली है, जिससे भविष्य के लिए क्लाइमेट का बड़ा खतरा पैदा (A Major Climate Threat Emerges for the Future) हो गया है।







