STOCK MARKET:  इजराइल-हिजबुल्लाह झगड़े से भारतीय शेयर बाजारों में भारी तबाही, सेंसेक्स 560 पॉइंट और निफ्टी में भारी गिरावट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Thursday, April 9, 2026 7:53 AM

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STOCK MARKET:  इजराइल-हिजबुल्लाह झगड़े से भारतीय शेयर बाजारों में भारी तबाही, सेंसेक्स 560 पॉइंट और निफ्टी में भारी गिरावट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

STOCK MARKET:  बुधवार की बढ़त के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों (Indian stock markets) में एक बार फिर निराशा हुई। जियोपॉलिटिकल तनाव की नई रिपोर्टों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा (New reports of geopolitical tensions have heightened investor concerns.) दी है, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर कारोबार कर (Nifty is trading in the red.) रहे हैं। गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही भारी बिकवाली का दबाव (Heavy selling pressure as the market opens.) देखा गया, जिससे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 560 पॉइंट या 0.72% गिरकर 77,003 पर आ गया। इस बीच, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange)  (NSE) का निफ्टी भी 182 पॉइंट गिरकर 23,815 पर आ गया। बाजार में इस गिरावट (This decline in the market) से निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान (Investors suffer losses worth crores of rupees.)  हुआ है।

 

 

 

 

 

 

बाजार में इस गिरावट (This decline in the market) का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में इजराइल (A major reason is Israel in West Asia.) और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ता झगड़ा है। निवेशकों को डर है कि लेबनान (Investors fear that Lebanon…) में चल रहे हमलों के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में सप्लाई बाधित (Supply Disrupted)  हो सकती है, जिसे ग्लोबल तेल व्यापार के लिए लाइफलाइन (A Lifeline for the Global Oil Trade) माना जाता है। इस जंग के डर से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ी आ गई है, ब्रेंट क्रूड 3.31% बढ़कर $97.89 प्रति बैरल हो गया है। चूंकि भारत अपनी तेल ज़रूरतों (India’s oil requirements) का एक बड़ा हिस्सा इम्पोर्ट (Major portion imported) करता है, इसलिए क्रूड ऑयल में तेज़ी भारतीय अर्थव्यवस्था (Rise in Crude Oil Prices: The Indian Economy) और बाज़ार के लिए बुरा संकेत (A Bad Signal for the Market) है।

 

 

 

 

 

 

 

 

आज की ट्रेडिंग में लगभग सभी बड़े सेक्टर दबाव (Almost all major sectors under pressure in trading.) में हैं, जिसमें IT, रियल एस्टेट (Real Estate), बैंकिंग (Banking) और ऑटो स्टॉक्स में सबसे ज़्यादा बिकवाली (Heaviest Selling in Auto Stocks) देखी गई। इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक जैसे बड़े स्टॉक्स निफ्टी के टॉप लूज़र्स (Major stocks like Axis Bank are among Nifty’s top losers.) में शामिल हैं। मार्केट एनालिस्ट का मानना  (Market analysts believe…) ​​है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए ट्रेडर्स को बहुत सावधान (Traders need to be very cautious.) रहने की ज़रूरत है। एक्सपर्ट्स ने इन्वेस्टर्स को ऊंचे लेवल पर एग्रेसिव खरीदारी (Aggressive buying at higher levels) से बचने और बाज़ार के स्टेबल होने का इंतज़ार (Waiting for the market to stabilize)  करने की सलाह दी है। फिलहाल, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स  (Foreign Institutional Investors) (FIIs) की बिकवाली ने बाज़ार का सेंटिमेंट खराब  (Market sentiment is robust.) कर दिया है।

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