BREAKING NEWS: RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस कैंसिल किया, बैंकिंग सर्विस पर तुरंत रोक लगाई, करोड़ों कस्टमर्स के डिपॉजिट की सिक्योरिटी पर सफाई जारी की

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By: नई ताक़त ।। डिजिटल टीम

On: Saturday, April 25, 2026 6:51 AM

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BREAKING NEWS: RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस कैंसिल किया, बैंकिंग सर्विस पर तुरंत रोक लगाई, करोड़ों कस्टमर्स के डिपॉजिट की सिक्योरिटी पर सफाई जारी की

BREAKING NEWS:  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India)  (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (Paytm Payments Bank Limited) (PPBL) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका बैंकिंग लाइसेंस कैंसिल (Banking License Cancelled) कर दिया है। यह ऑर्डर 24 अप्रैल, 2026 से लागू हो गया। RBI के मुताबिक, बैंक लगातार रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स का उल्लंघन (Violation of Regulatory Standards) कर रहा था और बार-बार चेतावनी देने (Despite repeated warnings) के बाद भी मैनेजमेंट में सुधार नहीं (No Improvement in Management)  हुआ। सेंट्रल बैंक ने पाया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट (The operations of Paytm Payments Bank are governed by the Banking Regulation Act.) , 1949 की शर्तों के मुताबिक नहीं था, जो डिपॉजिटर्स के हितों के लिए रिस्की साबित (Proved Risky for the Interests of Depositors)  हो रहा था।

 

 

 

 

 

 

 

लाइसेंस कैंसिल होने के बाद कस्टमर्स (Customers after license cancellation) को अपने डिपॉजिट को लेकर चिंता बढ़ (Concerns about deposits increase) गई है। इस पर RBI ने भरोसा दिलाया है कि कस्टमर्स का पैसा (We assure you that your customers’ money)  पूरी तरह सेफ है और बैंक के पास सभी देनदारियों को चुकाने के लिए काफी कैश मौजूद है। बैंक को अब ऑफिशियली बंद करने का प्रोसेस शुरू (The official closure process has begun.) किया जाएगा, जिसके लिए हाई कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। इस लीगल प्रोसेस के जरिए सभी डिपॉजिटर्स के पैसे सिस्टमैटिक तरीके से सेटल (Systematically settled the money of all depositors) किए जाएंगे। फिलहाल बैंक को नए डिपॉजिट या किसी भी तरह के क्रेडिट ट्रांजैक्शन (Credit Transaction) लेने की इजाज़त नहीं है।

 

 

 

 

 

यह कार्रवाई पिछले दो साल से चल रहे विवाद का नतीजा (The outcome of the ongoing dispute) है। यह मार्च 2022 में नए कस्टमर जोड़ने पर रोक के साथ शुरू हुआ था और अब पूरी तरह बैन तक पहुंच गया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेटीएम की दूसरी UPI (UPI) सर्विस, जो पार्टनर बैंकों के ज़रिए चलती (Operated through partner banks) हैं, पहले की तरह काम करती रहेंगी। यह फैसला भारतीय फिनटेक (The Verdict: Indian Fintech) और बैंकिंग दुनिया में ट्रांसपेरेंसी (Transparency in the banking world) और कम्प्लायंस के महत्व को दिखाता है। एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ (The administration made it clear) कर दिया है कि बैंकिंग सेक्टर में किसी भी तरह की रेगुलेटरी लापरवाही बर्दाश्त नहीं (Regulatory negligence will not be tolerated.) की जाएगी।

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