Breaking News: सोना-चांदी के दामों में बड़ा उलटफेर, सोना ₹1850 और चांदी ₹5800 तक हुई सस्ती, खरीदारी के लिए बना सुनहरा मौका, बाजार में बढ़ी हलचल
Breaking News: US डॉलर में मजबूती और मजबूत एम्प्लॉयमेंट डेटा से घरेलू सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे निवेशक घबरा गए हैं। पिछले कई दिनों से सोने (gold) और चांदी की कीमतों में उथल-पुथल मची (Silver prices remain volatile) हुई है। इस बीच, शनिवार (6 जून) को देशभर के सर्राफा बाजारों में भारी गिरावट देखी (Bullion markets across the country witnessed a sharp decline.) गई। इस गिरावट के लिए US में मजबूत एम्प्लॉयमेंट डेटा (Strong employment data in the US) का आना और डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। इससे निवेशकों में मुनाफा बढ़ा (Investors’ profits increased) है। इससे घरेलू बाजार (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई (Silver prices fell) है।
रिटेल मार्केट में चांदी की चमक बरकरार
भारत में चांदी की औसत रिटेल कीमत (Average Retail Price of Silver in India) 2,74,900 रुपये से 2,79,900 रुपये प्रति kg के बीच बनी हुई है। राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतें (Silver prices in the capital Delhi) 2,749 रुपये प्रति 10 ग्राम और 2,79,900 रुपये प्रति kg दर्ज की गईं। मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी की कीमत करीब 2,750 रुपये और एक kg की कीमत 2,75,000 रुपये है। चेन्नई में चांदी अभी भी काफी महंगी (Silver is still quite expensive) है, जहां 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,800 रुपये और एक kg की कीमत 2,80,000 रुपये तक पहुंच गई है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के कारण
चांदी और सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई ग्लोबल कारण जिम्मेदार (Several global factors are responsible for the fall in gold prices.) हैं। इसका सबसे बड़ा कारण US से लेबर मार्केट का मजबूत डेटा (Strong labor market data) लग रहा है। मई में U.S. में अनुमानित 1.72 लाख से कहीं ज़्यादा नई नौकरियाँ बनीं, जो U.S. की मज़बूत अर्थव्यवस्था का संकेत है। इससे US फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज़ दरों में जल्द कटौती की संभावना कम (The US Federal Reserve is unlikely to cut interest rates anytime soon.) हो गई है। ज़्यादा ब्याज़ दरों की उम्मीदों के कारण निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से पैसा (Investors are moving money away from safe havens like gold due to interest rate expectations.) निकाल रहे हैं।







