Breaking News: E20 पेट्रोल सिर्फ़ ‘एक्सपेरिमेंट’ की खबरें गुमराह करने वाली, सरकार ने स्थिति साफ़ की, इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पूरी तरह से सुरक्षित और सफल
Breaking News: सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों (The government [has addressed those claims circulating on social media…) को पूरी तरह से खारिज (Dismissed) कर दिया है कि E20 (20% इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) प्रोग्राम सिर्फ़ एक एक्सपेरिमेंट (The program is just an experiment.) है। भारत के अटॉर्नी जनरल ने साफ़ किया कि यह जानकारी गुमराह (The Attorney General of India clarified that this information was misleading.) करने वाली है। असल में, यह पूरा विवाद गैसोलीन की क्वालिटी की वजह (The dispute stems from the quality of the gasoline.) से नहीं, बल्कि इथेनॉल बनाने वाली फ़ैक्ट्रियों और सरकारी तेल कंपनियों के बीच सप्लाई (Supply between ethanol-producing factories and government oil companies) को लेकर बिज़नेस में अंतर की वजह से है।
सप्लाई और डिमांड का संकट
कोर्ट में जो मामला (The matter in court) चल रहा है, वह असल में डिमांड से ज़्यादा इथेनॉल की सप्लाई (In reality, the supply of ethanol exceeds demand.) से जुड़ा है। केंद्र सरकार से इंसेंटिव मिलने के बाद इथेनॉल का प्रोडक्शन तेज़ी (Ethanol production accelerates following incentives from the central government.) से बढ़ा है, लेकिन तेल कंपनियों की खपत की अपनी तय लिमिट (But oil companies have their own fixed consumption limit.) है। इससे फ़ैक्ट्रियों के पास स्टॉक जमा (Stock held by factories) हो गया है, जिसे लेकर अलग-अलग कोर्ट में कानूनी झगड़े चल रहे हैं, जिनकी सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट में एक साथ (…which are now being heard together in the Supreme Court.) हो रही है।
भविष्य की ओर कदम
सरकार ने साफ़ किया है कि E20 पेट्रोल के सभी ट्रायल सफल (The government has clarified that all trials of E20 petrol have been successful.) रहे हैं और यह पूरी तरह से सुरक्षि (quite safe) है। अब, भविष्य की ज़रूरतों को देखते (Looking at future needs) हुए, सरकार ने E22 से E30 के लेवल पर ट्रायल शुरू (Trials begin at the E30 level.) कर दिए हैं। नए सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट (New supply contracts) अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले हैं, जिसके लिए सरकार अब इथेनॉल-बेस्ड गाड़ियों की खपत बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कदम उठा (Concrete steps have also been taken to increase the consumption of ethanol-based vehicles.) रही है।







