सिंगरौली: रिलायंस ऐश डाइक हादसे पर कलेक्टर का शिकंजा, कंपनी को 3 दिन में जवाब का अल्टीमेटम

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रिलायंस ऐश डाइक हादसे पर कलेक्टर का शिकंजा, कंपनी को 3 दिन में जवाब का अल्टीमेटम

5,760 टन फ्लाई ऐश खेतों और रिहायशी इलाकों में फैली; सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर आपराधिक कार्रवाई और संचालन सम्मति निरस्त करने की चेतावनी

नई ताकत न्यूज नेटवर्क

सिंगरौली, 17 अगस्त 2026। सासन पावर लिमिटेड के ग्राम हरहवा स्थित ऐश डाइक-1 के क्षतिग्रस्त होने के मामले में जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। ऐश डाइक से भारी मात्रा में फ्लाई ऐश के बहकर आसपास के खेतों और आवासीय क्षेत्रों में फैलने के मामले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी गौरव बैनल ने मेसर्स सासन पावर लिमिटेड के महाप्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन को नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर स्पष्ट, तथ्यात्मक एवं संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कंपनी के विरुद्ध एकतरफा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

5,760 टन राख का बहाव, खेतों और घरों तक पहुंची फ्लाई ऐश

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार 14 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि तेज बारिश के बाद ऐश डाइक-1 के बाहरी हिस्से में लैंडस्लाइड हुई। इसके चलते लगभग 5,760 टन फ्लाई ऐश बहकर आसपास के कृषि क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में फैल गई।

घटना ने एक बार फिर सिंगरौली में फ्लाई ऐश प्रबंधन, ऐश डाइक की सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मानसून से पहले दिए गए निर्देशों पर भी उठे सवाल

जिला प्रशासन की कार्रवाई का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जांच रिपोर्ट में ऐश डाइक में निर्धारित फ्रीबोर्ड मानकों और मानसून पूर्व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्देशों के पालन में लापरवाही का उल्लेख किया गया है।

बताया गया है कि जिला दण्डाधिकारी द्वारा 4 जून 2026 को मानसून पूर्व सुरक्षा के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन प्रशासन की जांच में इनके समुचित पालन पर सवाल सामने आए हैं।

ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि यदि मानसून से पहले सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए गए थे, तो उनके पालन की जिम्मेदारी किस अधिकारी और किस स्तर पर थी?

आपराधिक कार्रवाई तक की चेतावनी

कलेक्टर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में कंपनी से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि जनसुरक्षा, पर्यावरण एवं कृषि भूमि को हुई क्षति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई क्यों न की जाए।

यानी मामला अब केवल प्रशासनिक लापरवाही या पर्यावरणीय उल्लंघन तक सीमित नहीं रहने वाला है। जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की तलवार भी लटक सकती है।

संचालन सम्मति निरस्त करने की तैयारी?

प्रशासन ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी गई संचालन सम्मति के उल्लंघन को भी गंभीरता से लिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 1974 तथा वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत उद्योग की संचालन सम्मति निरस्त किए जाने के संबंध में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भोपाल को प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई क्यों न की जाए।

इस चेतावनी ने सासन पावर लिमिटेड की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

नुकसान की पूरी भरपाई कंपनी से कराने के निर्देश

जिला प्रशासन ने केवल नोटिस जारी कर मामले को छोड़ने के बजाय ऐश डाइक हादसे से प्रभावित संपत्तियों और फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराने की बात कही है। आकलन के बाद नुकसान की संपूर्ण वसूली कंपनी से नियमानुसार कराए जाने की बात प्रशासन ने कही है।

अब निगाह कंपनी के जवाब पर

सिंगरौली जैसे औद्योगिक जिले में फ्लाई ऐश प्रबंधन और ऐश डाइक की सुरक्षा लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में इस हादसे के बाद जिला प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत गया है कि जनसुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी तीन दिन के भीतर क्या जवाब देती है और प्रशासन जांच में सामने आई कथित लापरवाहियों के लिए आखिर किसे जिम्मेदार ठहराता है?

फिलहाल कलेक्टर गौरव बैनल के सख्त रुख के बाद सासन पावर प्रबंधन पर प्रशासनिक कार्रवाई, आर्थिक क्षतिपूर्ति और संभावित आपराधिक कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

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