Singrauli Breaking News: सिंगरौली जिला अस्पताल में डायरिया-बुखार का प्रहार, 900 मरीजों की भीड़ से बेड व्यवस्था चरमराई?
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli Breaking News: सिंगरौली जिले में जल जनित बीमारी डायरिया एवं बुखार, खांसी-जुखाम जोर पकड़ी (Waterborne diseases like diarrhea, as well as fever, cough, and cold, have intensified.) हुई है। आलम यह है कि जिला चिकित्सालय में इन दिनों डायरिया एवं बुखार से पीड़ित मरीजो (These days, patients suffering from diarrhea and fever are being admitted to the district hospital.) की संख्या सैकड़ा पार हो रही है।दरअसल इन दिनों जिले भर में जल जनित बीमारी काफी जोर पकड़े हुये हैं। आलम यह है कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में इन दिनों ओपीडी (These days OPD in District Hospital cum Trauma Center Baidhan) करीब 900 पहुंच रही है। एक आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में आपातकालीन के 92, सामान्य चिकित्सा के 303, सामान्य शल्य चिकित्सक के 78, प्रसुति एवं स्त्री रोग के 115, हड्डी रोग के 60, बाल चिकित्सा 122 समेत करीब 900 मरीजों का चिकित्सको ने जांच, परीक्षण एवं उपचार किया है। बताया जा रहा है कि इनमें से सबसे ज्यादा डायरिया, सर्दी, बुखार, खांसी के सर्वाधिक मरीज हैं। हालात यह हैं कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में मरीजो को फर्स पर इलाज (Patients receiving treatment on the floor at the District Hospital-cum-Trauma Center, Baidhan.) किया जा रहा है। मरीजो की बढ़ती संख्या के चलते बेड भी कम पड़ जा रहे हैं।
फर्स पर इलाज, अस्पताल में बेड कम
डायरिया-बुखार के बढ़ते मरीजो की संख्या के चलते बेड कम पड़ने (Shortage of beds due to the rising number of patients suffering from diarrhea and fever.) लगे हैं। आलम यह है कि मेल-फीमेल वार्ड में कई मरीज फर्स पर इलाज करा (Many patients in the male and female wards are receiving treatment on the floor.) रहे हैं। मरीज बताते हैं कि बेड कम पड़ जा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन से मिन्नते करने के बावजूद बेड नसीब नही हो (Despite pleading with the hospital management, one could not secure a bed.) रहा है। यह समस्या पिछले एक पखवाड़े से है। एक आंकड़े के मुताबिक एक सप्ताह यानी 12 से 19 अगस्त की स्थिति में करीब कुल मरीज ओपीडी में 5500 के पार थे और जिसमें सामान्य चिकित्सा के करीब 1700 से अधिक मरीज जिला चिकित्सालय पहुंच चिकित्सको से जांच-पड़ताल कर उपचार (A large number of patients are visiting the district hospital to undergo examinations and receive treatment from doctors.) कराया। इनमें से 11 मरीजो टीवी के बीमारी लक्षण का भी जांच कराया है। वहीं आपातकालीन सेवा के 1000 हजार से अधिक मरीज पहुंचे थे। साथ ही ऑख से पीड़ित मरीजो की संख्या 200 के करीब, बाल चिकित्सा के 690 के आसपास मरीजो ने परीक्षण कर इलाज कराया (The patients underwent testing and received treatment.) है।
मेल-फीमेल वार्ड मरीजो से खचाखच भरे
जिला चिकित्सालय बैढ़न के चिकित्सक (Doctors at District Hospital, Baidhan) डॉ. मनीष सिंह बताते हैं कि इन दिनों जल जनित मौसमी बीमारी डायरिया, बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या सर्वाधिक (Currently, the highest number of patients are suffering from seasonal waterborne illnesses such as diarrhea, fever, and cough.) है। हालांकि गंभीर मरीज नही आ रहे हैं। जल जनित बीमारी से पीड़ित मरीजो का इलाज कर उन्हें आवश्यक सुझाव (Treating patients suffering from waterborne diseases and providing them with necessary advice.) दिये जा रहे हैं। इधर आरोप लगाया जा रहा है कि स्वास्थ्य मैदानी अमला सुस्त पड़ा (Allegations are being made that the field-level health staff has become lethargic.) हुआ है, जिसके चलते जल जनित बीमारी जोर पकड़ रही है। गांवो मे मैदानी अमला सतत रूप से भ्रमण नही कर रहा है। जिला चिकित्सालय में मरीजो की यह हालत है तो सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवसर, सरई, चितरंगी, निवास, बैरदह एवं खुटार समेत अन्य उप स्वास्थ्य केन्द्रों की हालत क्या होगी, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं झोलाछाप चिकित्सक भी सक्रिय हंै। उनके क्लीनिको पर मरीजो की संख्या देखी (Checked the number of patients at the clinic.) जा सकती है।







