Singrauli / Chitrangi News: सिंगरौली के चितरंगी में सिविल न्यायालय शुरू होने की उम्मीद तेज, हाईकोर्ट पहुंचा अधिवक्ता संघ; 481 सिविल और 3290 आपराधिक मामले लंबित
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli / Chitrangi News: तहसील मुख्यालय चितरंगी में सिविल न्यायालय के संचालन की उम्मीद (Expected operation of civil court in Tehsil headquarters Chitrangi) एक बार फिर मजबूत हुई है। अधिवक्ता संघ चितरंगी के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष के नेतृत्व में मध्यप्रदेश (The delegation of Advocates Association Chitrangi, under the leadership of the President, visited Madhya Pradesh) उच्च न्यायालय, जबलपुर पहुंचकर सिंगरौली के पोर्टफोलियो जज एवं रजिस्ट्रार से सौजन्य भेंट की और चितरंगी में सिविल न्यायालय का संचालन शीघ्र शुरू (Operations of the Civil Court in Chitrangi to commence soon.) कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल को न्यायालय प्रारंभ कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई और शीघ्र पहल का आश्वासन (Assurance given to the delegation regarding necessary action and prompt initiatives to get the court operational.) मिला है।
अधिवक्ता संघ द्वारा पत्र 16 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के पोर्टफोलियो जज को आवेदन दिया (An application was submitted to the Portfolio Judge of Jabalpur.) गया। पत्र में बताया गया कि चितरंगी तहसील सिंगरौली जिले की सबसे बड़ी तहसीलों में शामिल है। इसका क्षेत्रफल लगभग 80 से 90 किलोमीटर के दायरे में फैला है। न्यायालयीन सुविधा के अभाव में क्षेत्र के लोगों को देवसर न्यायालय (Due to lack of judicial facilities, the people of the area have to go to Devsar Court.) तक आने-जाने में परेशानी होती है।
संघ ने आवेदन में बताया कि वर्तमान में चितरंगी क्षेत्र (The association stated in the application that at present the Chitrangi area) से संबंधित 481 सिविल तथा 3290 आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर न्यायालय संचालित होने से पक्षकारों और अधिवक्ताओं (In such a situation, due to the functioning of the court at the local level, the parties and advocates) को बड़ी राहत मिलेगी। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड न्यायालय तथा उसके अमले के पद सृजित किए जाने को लेकर उच्च न्यायालय स्तर से प्रक्रिया को अनुमोदन मिल चुका है। न्यायालय संचालन के लिए कोर्ट रूम, विश्राम कक्ष, नजारत शाखा, नकल शाखा और कंप्यूटर कक्ष आदि की व्यवस्था वर्ष 2022 में संशोधित कर जानकारी भेजी जा चुकी (The information has been sent after being revised.) है।
बताते चलें कि 2018 से 2022 के बीच तत्कालीन चितरंगी विधायक अमर सिंह द्वारा भी चितरंगी में सिविल न्यायालय खोलने की मांग लगातार उठाई (The demand for opening a civil court in Chitrangi has been consistently raised.) गई थी। उनके कार्यकाल में न्यायालय स्थापना की घोषणा भी हुई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। अब अधिवक्ता संघ के प्रयास से वर्षों से लंबित मांग के मूर्त रूप (Now, with the efforts of the Bar Association, the demand pending for years has taken concrete shape.) लेने की उम्मीद जगी है। स्थानीय अधिवक्ताओं को भरोसा है कि चितरंगी में सिविल न्यायालय शुरू होने से दूरदराज के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर (Local advocates are confident that the opening of the civil court in Chitrangi will provide local level relief to the remote villagers.) पर न्यायिक सुविधा मिल सकेगी और लंबित मामलों के निराकरण की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी (The process of resolving pending cases will also become easier.) ।







