Singrauli News: सिंगरौली के देवसर की 13 पंचायतों में जांच का बड़ा एक्शन, निर्माण कार्यों से लेकर सरकारी राशि के खर्च तक खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड; 7 दिन में रिपोर्ट तलब
नई ताकत न्यूज नेटवर्क | सिंगरौली
Singrauli News: सिंगरौली जनपद पंचायत देवसर की 13 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों को लेकर सामने आई शिकायतों ने अब पंचायत अमले की मुश्किलें बढ़ा (Complaints regarding construction works in 13 Gram Panchayats of Deosar have now increased the difficulties for the Panchayat staff.) दी हैं। संभावित तकनीकी अनियमितता, निर्माण की गुणवत्ता और शासकीय राशि के उपयोग से जुड़े आरोपों की जांच (Investigation into allegations regarding potential technical irregularities, construction quality, and the utilization of government funds.) के लिए जनपद पंचायत की प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रशिक्षु आईएएस सोम्या मिश्रा ने जांच दल गठित कर दिया है। जांच आदेश के बाद संबंधित पंचायतों में हड़कंप की स्थिति बताई (A state of panic was reported in the concerned panchayats following the order for an inquiry.) जा रही है।
शिकायतकर्ता प्रवेश कुमार तिवारी निवासी सुपेला ने 14 जुलाई को शिकायत देकर नौढ़िया, ईटार, झखरावल, जियावन, ढोंगा, सरौंधा, जोगिनी, अतरवां, चरकी, कारी, पुरवा सहित अन्य ग्राम पंचायतों में निर्मित चेकडैम, ग्रेवल रोड, सीसी रोड, पुलिया और अन्य निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग (Demand for a high-level inquiry into other construction works.) की थी। शिकायत में निर्माण कार्यों में तकनीकी खामियों और शासकीय धन के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए (The complaint raised serious questions regarding technical flaws in construction works and the utilization of government funds.) गए थे। अब प्रभारी सीईओ ने जांच के लिए सहायक यंत्री संतोष कोल, प्रभारी खंड पंचायत अधिकारी राजेन्द्र द्विवेदी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शशिकांत तिवारी और उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा को शामिल किया है। टीम को सात दिवस के भीतर बिंदुवार जांच प्रतिवेदन, जीओ टैग, फोटोग्राफ्र और अभिमत सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायतो के सरपंच-सचिवो की बढ़ी है बेचैनी
सीईओ एवं प्रशिक्षु आईएएस के द्वारा 13 ग्राम पंचायतो के कामकाजो की जांच के लिए गठित (Constituted to investigate the functioning of 13 Gram Panchayats.) की गई है। जांच 7 दिवस के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित (Directed to submit the investigation report within 7 days.) किया गया है। चर्चा है कि जनपद पंचायत में इन दिनों कई सरपंच- सचिवो एवं ग्राम रोजगार सहायको के चेहरे धुंधला (These days, the faces of many Sarpanchs, secretaries, and Gram Rozgar Sahayaks at the Janpad Panchayat are looking crestfallen.) गये हैं। उनके चेहरे की हवाइयां उड़ी हैं और इतना ही नही यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई उपयंत्री भी लपेटे में आएंगे। साथ ही कार्यो का सत्यापन करने वाले सहायक यंत्री भी घेरे में आ सकते हैं। जनपद पंचायत में इन दिनों चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है।
स्वीकृति से भुगतान तक खंगाले जाएंगे निर्माण के दस्तावेज
शिकायत में प्रत्येक निर्माण का स्थल निरीक्षण कर स्वीकृत प्राक्कलन (Approved estimate after site inspection of each construction in the complaint) , मापन पुस्तिका, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, भुगतान अभिलेख और पूर्णता प्रमाणपत्र का मिलान कराने की मांग की गई है। जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त (Samples of construction materials to be collected and tested by an accredited [laboratory/agency] if required.) एनएबीएल प्रयोगशाला से परीक्षण, तकनीकी एवं अभिलेखीय जांच तथा सोशल ऑडिट कराने का भी सुझाव (It has also been suggested to conduct testing by an NABL-accredited laboratory, technical and documentary scrutiny, and a social audit.) दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायतों में निर्माण कार्यों के दौरान तकनीकी अमले की भूमिका भी जांच के दायरे (The complainant alleges that the role of technical staff during construction works in the Panchayats is also under investigation.) में आनी चाहिए। खास बात यह है कि कई पंचायतों में बनाए गए चेकडैम के क्षतिग्रस्त अथवा ध्वस्त होने की बात सामने आ चुकी (Reports have emerged that check dams constructed in several panchayats have been damaged or destroyed.) है। ऐसे में जांच टीम के सामने सिर्फ कागजी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की गुणवत्ता की भी असली तस्वीर सामने रखने की चुनौती (The challenge of presenting the true picture of the quality of ground-level construction as well.) होगी। जांच शुरू होने से सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की बेचैनी बढ़ गई है। अब सात दिन में आने वाली रिपोर्ट से कई निर्माण कार्यों की हकीकत सामने आने की उम्मीद है।







